नारी शक्ति ने घेरा SP सांसद आरके चौधरी का घर… इसलिए अखिलेश-राहुल के खिलाफ गूंजे नारे
नारी वंदन अधिनियम पर बयान से भड़के भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह के समर्थक, महिलाओं ने संभाला मोर्चा, आधे घंटे सड़क पर बैठकर प्रदर्शन, सपा सांसद बोले- आएं, सम्मान करूंगा
लखनऊ, 10 मई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में रविवार को नारी वंदन अधिनियम को लेकर सियासी तापमान अचानक बढ़ गया। सरोजनीनगर से भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह के समर्थक सपा सांसद आरके चौधरी के खिलाफ सड़क पर उतर आए और उनके आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान अखिलेश यादव मुर्दाबाद, राहुल गांधी मुर्दाबाद और प्रियंका गांधी होश में आओ जैसे आक्रामक नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और मोर्चे की कमान संभाली।
प्रदर्शन की शुरुआत 1090 चौराहे से हुई.जहां विधायक प्रतिनिधि डॉ. अखिलेश सिंह की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक जुटे। यहां आरके चौधरी के खिलाफ नारेबाजी के बाद गाड़ियों के काफिले के साथ सभी लोग इंदिरानगर स्थित मुंशी पुलिया के पास सांसद आवास की ओर रवाना हुए। समर्थकों का आरोप था कि नारी वंदन अधिनियम के खिलाफ बयान देकर आरके चौधरी ने महिलाओं का अपमान किया है। उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

सांसद आवास के बाहर भाजपा समर्थक करीब आधे घंटे तक सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करते रहे। तेज धूप के बावजूद कार्यकर्ताओं का जोश कम नहीं हुआ। हालांकि, प्रदर्शनकारियों और सांसद के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हो सकी। प्रदर्शनकारी बिना मुलाकात किए ही वापस सरोजनीनगर लौट गए।
विधायक प्रतिनिधि डॉ. अखिलेश सिंह ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम कानून हाथ में लेने नहीं आए हैं। महिलाओं के नेतृत्व में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। आरके चौधरी को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए।
वहीं, सपा सांसद आरके चौधरी ने पूरे घटनाक्रम पर संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मैं उनका इंतजार कर रहा था। वे आते तो स्वागत-सम्मान करता। सरोजनीनगर मेरा क्षेत्र है और महिलाओं का सम्मान करना मेरी जिम्मेदारी है, चाहे वे किसी भी दल की हों।
हालांकि आरके चौधरी ने भाजपा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नारी वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा मक्कारी कर रही है। उनका कहना था कि यह बिल पहले भी आ चुका था और असली आरक्षण वही है जिसमें जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी सुनिश्चित हो।






