अनिल निषाद
अयोध्या, 11 मई 2026:
अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए एक अच्छी पहल शुरू की गई है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सहयोग से संग्रहालय परिसर में अत्याधुनिक संरक्षण लैब स्थापित की गई है। इस लैब में अब सदियों पुरानी पांडुलिपियों, दुर्लभ पुरावशेषों और ऐतिहासिक धरोहरों को वैज्ञानिक तकनीकों की मदद से सुरक्षित रखा जाएगा।
आईजीएनसीए की विशेषज्ञ टीम विशेष उपकरणों के साथ संग्रहालय पहुंची और संरक्षण कार्य का शुभारंभ किया। नई लैब में संग्रहालय में मौजूद सभी धरोहरों की तकनीकी जांच की जाएगी। सुरक्षित वस्तुओं को साफ-सफाई और विशेष प्रक्रिया के बाद प्रदर्शनी में रखा जाएगा, जबकि क्षतिग्रस्त धरोहरों का संरक्षण आधुनिक तकनीक व न्यूनतम रासायनिक प्रयोग के जरिए किया जाएगा।
रामकथा संग्रहालय के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि अयोध्या धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रही है, ऐसे में यहां मौजूद धरोहरों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि नई संरक्षण लैब में तापमान, नमी व अन्य तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि दुर्लभ दस्तावेज सुरक्षित रह सकें। विशेषज्ञों की टीम समय-समय पर धरोहरों की स्थिति की निगरानी भी करेगी।






