लखनऊ, 14 मई 2026:
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से ईंधन की बचत और संसाधनों के समझदारी से इस्तेमाल की अपील की है। उन्होंने कहा कि जैसे कोविड-19 महामारी के दौरान देशवासियों ने मिलकर चुनौती का सामना किया था, वैसे ही मौजूदा वैश्विक हालात में भी सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है।
राजधानी में आयोजित एक कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में पैदा हुई परिस्थितियों का असर कच्चे तेल, खाद्यान्न और उर्वरकों की आपूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसे वक्त में हर नागरिक का फर्ज है कि वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग, मेट्रो, इलेक्ट्रिक वाहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विकल्प अपनाकर देश के आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती दे।
उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील का जिक्र करते हुए कहा कि इसे सतही तौर पर नहीं, बल्कि पूरी गंभीरता से पढ़कर और समझकर देखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश सुरक्षित रहेगा तो नागरिक भी सुरक्षित रहेंगे और देश आगे बढ़ेगा तो उसका लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर गैस आधारित सामुदायिक रसोई की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश के जरिए ऐसे मॉडल विकसित किए जा सकते हैं, जिससे रसोई गैस पर निर्भरता कम होगी और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में बुनियादी ढांचे, निवेश, कानून व्यवस्था और रोजगार के क्षेत्र में तेज बदलाव देखा है। उनके मुताबिक अब विकास केवल लखनऊ, वाराणसी या गोरखपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी 75 जिलों और 58 हजार ग्राम पंचायतों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है, बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है और युवाओं को राज्य के भीतर ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की छवि से निकलकर देश की विकास यात्रा का मजबूत इंजन बन चुका है।






