गोरखपुर, 23 मई 2026:
फ्री फायर गेम की लत एक 11वीं के छात्र के परिवार पर भारी पड़ गई। साइबर जालसाजों ने गेम आईडी दिलाने का लालच देकर छात्र से करीब 2.96 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। छात्र चोरी-छिपे पिता के बैंक खाते से रकम भेजता रहा। मामला सामने आने के बाद परिवार ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी है।
रामगढ़ताल इलाके के पाम पैराडाइज में रहने वाले शहनाज नसीर मूल रूप से बिहार के भागलपुर के रहने वाले हैं। वह गोरखपुर में इंडियन ऑयल में कार्यरत हैं। शहनाज के मुताबिक, पिछले कुछ समय से उनके बैंक खाते से लगातार रकम कटने के मैसेज आ रहे थे। शुरुआत में उन्हें बैंकिंग गड़बड़ी का शक हुआ, लेकिन जांच करने पर बेटे की करतूत सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, 16 वर्षीय छात्र ऑनलाइन फ्री फायर गेम खेलता था। इसी दौरान उसकी बातचीत कुछ लोगों से हुई, जिन्होंने खुद को गेम आईडी उपलब्ध कराने वाला बताया। सबसे पहले सात मार्च को पुष्पेंद्र सिंह नाम के शख्स ने छात्र से संपर्क किया। उसने प्रीमियम आईडी देने का भरोसा दिलाकर अलग-अलग खातों में करीब 1.55 लाख रुपये गूगल पे से ट्रांसफर करा लिए। रकम लेने के बाद भी कोई आईडी नहीं भेजी गई।
इसके बाद छात्र की बातचीत कुनाल नाम के युवक से हुई। 14 अप्रैल से 24 अप्रैल के बीच उसने गेम आईडी देने के नाम पर 85 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। इस दौरान एक आईडी भेजी भी गई, लेकिन बाद में वह फर्जी निकली।
इसी बीच 23 अप्रैल को विनीत कुमार मिश्रा नाम के व्यक्ति ने भी छात्र को झांसे में लिया। उसने गेम आईडी उपलब्ध कराने की बात कहकर 56 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। पिता का कहना है कि बेटे ने बिना जानकारी दिए उनके खाते से अलग-अलग खातों में कुल 2.96 लाख रुपये भेज दिए। फिलहाल मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साइबर टीम संदिग्ध मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है।






