हरेंद्र धर दुबे
गोरखपुर, 7 मई 2006:
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता माता प्रसाद पांडे गोरखपुर में एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा की और समाधान का आश्वासन दिया।
सिविल लाइन स्थित एक लॉन में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठाकुरई के सीसी वार्षिक महाधिवेशन एवं विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय ‘शिक्षकों के समक्ष बढ़ती चुनौतियां और समाधान’ था। महाधिवेशन में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश नायक, प्रोफेसर चितरंजन मिश्रा, एसपी त्रिपाठी, डॉ. रजनीकांत पांडे सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा और समाधान के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान बढ़ाने और उनकी कठिनाइयों को दूर करने के लिए विचार-विमर्श जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन उन लोगों का है जो वास्तव में समस्याओं से जूझ रहे हैं।
उन्होंने पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर केंद्र सरकार पर्याप्त स्टॉक होने की बात करती है, जबकि दूसरी ओर आम जनता गैस सिलेंडर के लिए परेशान है।

सपा नेता ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का ममता बनर्जी से मिलना स्वाभाविक है, क्योंकि वे गठबंधन की सहयोगी हैं। पश्चिम बंगाल में चुनावी गड़बड़ी के आरोपों पर कहा कि जांच होने पर सच्चाई सामने आएगी और भाजपा चुनावी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी और प्रदेश में भाजपा को कड़ी टक्कर देगी। उन्होंने दावा किया कि यदि भाजपा को सहयोगी दलों का समर्थन नहीं मिला होता तो केंद्र में सरकार बनाना मुश्किल हो जाता।
उन्होंने चुनावी प्रक्रियाओं में निष्पक्षता बनाए रखने की आवश्यकता बताई। पश्चिम बंगाल में ममता सरकार की हार संबंधी सवाल पर कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियां अलग हैं और समाजवादी पार्टी यहां मजबूत स्थिति में है। वर्तमान सरकार में सबसे अधिक उत्पीड़न ब्राह्मण समाज का हुआ है।






