लखनऊ/कानपुर, 7 मई 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में कानपुर की मूक-बधिर बच्ची ‘खुशी’ की प्रेरणादायक कहानी सुनाकर पूरे सभागार को भावुक कर दिया। सीएम ने कहा कि हर दिव्यांगजन में प्रतिभा होती है। जरूरत केवल सही अवसर, संवेदना और सहयोग की है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि कुछ समय पहले बोलने व सुनने में असमर्थ एक बच्ची अकेले ही उनसे मिलने के लिए कानपुर से लखनऊ पहुंच गई थी। सीएम योगी ने कहा कि एक दिन वह बिना किसी को बताए पैदल लखनऊ ही आ गई। विधान भवन के सामने चुपचाप बैठी थी। वह न बोल सकती थी, न सुन सकती थी लेकिन अपने हाथ से बनाया मेरा चित्र सामने रख लिया था।
दरअसल, कानपुर निवासी खुशी नवंबर 2025 में घर से निकलकर करीब 90 किलोमीटर पैदल चलकर लखनऊ पहुंच गई थी। विधान भवन के बाहर रोती हुई मिलने पर पुलिसकर्मी उसे सुरक्षित थाने ले गए। वहां दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के प्रशिक्षित शिक्षकों ने इशारों में उससे संवाद किया और उसके परिवार का पता लगाया। बाद में उसे सुरक्षित कानपुर भेज दिया गया।
मुख्यमंत्री को जब इस घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने बच्ची को दोबारा बुलाकर उसके इलाज की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। चिकित्सकीय परीक्षण में पता चला कि खुशी को सुनने के लिए कॉक्लियर इम्प्लांट की जरूरत है। इस पर करीब छह से सात लाख रुपये खर्च होने थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और एक फाउंडेशन के सहयोग से इलाज की पूरी व्यवस्था कराई गई।
26 जनवरी 2026 को खुशी का कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन किया गया जो पूरी तरह सफल रहा। अब वह आवाजें सुन पा रही है और टूटे-फूटे शब्दों में बोलना भी शुरू कर चुकी है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उसके मुंह से निकले पहले शब्द थे…थैंक यू योगी जी।
डॉक्टरों के मुताबिक नियमित स्पीच थैरेपी और अभ्यास से आने वाले महीनों में उसकी बोलने की क्षमता और बेहतर होगी और एक वर्ष के भीतर वह सामान्य बच्चों की तरह बातचीत कर सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों के साथ भेदभाव करना अन्याय है। हर व्यक्ति में प्रतिभा होती है। बस उसे पहचानने और आगे बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन के बाद खुशी ने सबसे पहले उस पुलिस इंस्पेक्टर का चित्र बनाकर भेंट किया जिन्होंने लखनऊ में उसकी मदद की थी। सीएम ने कहा कि कृतज्ञता का यही भाव समाज को संवेदनशील और मानवीय बनाता है।






