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UP में गरीबों के इलाज की बाधा दूर, आयुष्मान अस्पतालों को फिर होने लगा भुगतान, ये थी दिक्कत

योगी सरकार की सख्ती से पटरी पर लौटी ABPMJAY व्यवस्था, 50 लाख मरीजों को मिल चुका इलाज, 15 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान

लखनऊ, 25 मई 2026:

यूपी में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (ABPMJAY) को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने में जुटी योगी सरकार ने एक बार फिर तेज कार्रवाई का संदेश दिया है। गत 14 मई से 22 मई के बीच बैंकिंग स्तर पर आई तकनीकी बाधा के कारण अस्पतालों का भुगतान अटक गया था लेकिन सरकार के त्वरित हस्तक्षेप के बाद अब भुगतान प्रक्रिया दोबारा पूरी रफ्तार से शुरू हो गई है।

इस योजना के तहत अब तक प्रदेश के 50 लाख से अधिक मरीज 91 लाख से ज्यादा बार अस्पतालों में इलाज करा चुके हैं। इसके बदले सरकार 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सूचीबद्ध अस्पतालों को भुगतान कर चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि आयुष्मान योजना यूपी में गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए कितनी बड़ी राहत बन चुकी है।

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि 14 मई को नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) और संबंधित बैंकों के बीच भुगतान फाइलों के आदान-प्रदान में तकनीकी समस्या आ गई थी। इसकी वजह से करीब 633 करोड़ रुपये की भुगतान राशि होल्ड पर चली गई जबकि अधिकांश क्लेम पहले ही राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा स्वीकृत किए जा चुके थे।

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भुगतान अटकने से निजी और सरकारी दोनों तरह के सूचीबद्ध अस्पतालों में चिंता बढ़ गई थी क्योंकि क्लेम राशि समय पर नहीं पहुंच पा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तुरंत सक्रिय हुआ। विभाग ने एनएचए और बैंकों के साथ लगातार कई दौर की बैठकें कर समाधान निकालने के प्रयास तेज किए।

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अर्चना वर्मा के अनुसार 22 मई को बैंक स्तर की तकनीकी समस्या पूरी तरह दूर कर ली गई। इसके बाद 23 मई से भुगतान प्रक्रिया फिर शुरू कर दी गई। पहले चरण में 100 करोड़ रुपये अस्पतालों को जारी कर दिए गए। अधिकारियों का कहना है कि अगले एक-दो दिनों में शेष लगभग 500 करोड़ रुपये का भुगतान भी संबंधित अस्पतालों तक पहुंच जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि मरीजों के इलाज पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। इसके साथ योगी सरकार ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार नए अस्पतालों को योजना से जोड़ रही है। गोल्डन कार्ड वितरण अभियान, ई-केवाईसी, हेल्प डेस्क और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं को भी और सशक्त बनाया जा रहा है।

प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों के भुगतान में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो और तकनीकी प्रणाली को इतना मजबूत बनाया जाए कि भविष्य में इस तरह की बाधाएं दोबारा पैदा न हों।

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