सीतापुर, 3 जून 2026:
पूर्व भाजपा सांसद व उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा के आवास के बाहर हथियार लेकर पहुंचे एक युवक को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि आरोपी पुरानी जमीनी रंजिश के चलते हत्या की नीयत से वहां पहुंचा था। गिरफ्तार किए जाने के बाद वह पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था, जिसके बाद उसकी तलाश में अभियान चलाया गया।
पुलिस ने बताया कि शेखन टोला निवासी शादाब को 2 जून की शाम राजेश वर्मा के आवास के बाहर संदिग्ध हालत में पकड़ा गया था। उसके पास से लोडेड तमंचा और चाकू बरामद हुआ था। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि वह पुरानी जमीनी रंजिश के कारण वहां पहुंचा था।
पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर थाने जा रही थी, तभी वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी तलाश में कई टीमें लगा दी गईं। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पूरे घटनाक्रम की निगरानी शुरू कर दी।
देर रात मिली सूचना पर पुलिस ने ज्ञानेंद्र भट्ठे के पास स्थित आम के बाग में घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक खुद को घिरा देखकर आरोपी ने पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में चली गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
घायल आरोपी को सीएचसी तम्बौर में भर्ती कराया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी का अब तक कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है।
जांच में पता चला है कि शादाब मूल रूप से तम्बौर क्षेत्र का रहने वाला है। वह बिहार में नौकरी करता है, जबकि उसकी पत्नी बाराबंकी में रहती है। बकरीद के मौके पर वह घर आया था। पुलिस के अनुसार जमीन को लेकर चल रहे पुराने विवाद की वजह से वह राजेश वर्मा से रंजिश रखता था।
आरोपी का दावा है कि जिस जमीन पर राजेश वर्मा का मकान बना है, वह उसकी है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जमीन पूर्व सांसद के परिवार की पैतृक संपत्ति है। पुलिस इस विवाद से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।






