देहरादून, 3 जून 2026:
उत्तराखंड सरकार प्रदेश के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में शिक्षा विभाग के तहत विद्यार्थियों की ट्रैकिंग एवं मैपिंग व्यवस्था की समीक्षा करते हुए शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में ऐसा सिंगल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाए, जिसके माध्यम से बच्चे के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही स्थान पर उपलब्ध रहें। उन्होंने सभी बच्चों की आभा (ABHA) और अपार (APAAR) आईडी बनाए जाने पर भी जोर दिया जिससे दोनों प्रणालियों के माध्यम से बच्चों की समग्र प्रगति की प्रभावी निगरानी की जा सके।
बैठक में निर्देश दिए गए कि नवजात शिशु के जन्म, टीकाकरण, आंगनबाड़ी में प्रवेश, विद्यालय में नामांकन और स्कूल पासआउट होने तक की पूरी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाए। इसके साथ ही ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे अभिभावकों को समय-समय पर एसएमएस के माध्यम से सूचनाएं मिल सकें। उदाहरण के तौर पर जब बच्चा टीकाकरण या विद्यालय में प्रवेश के लिए पात्र हो जाए तो संबंधित जानकारी स्वतः उसके अभिभावकों तक पहुंच जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस प्रणाली से न केवल अभिभावकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि संबंधित विभाग भी बच्चों की प्रगति और आवश्यक सेवाओं की नियमित निगरानी कर सकेंगे। इससे किसी भी बच्चे के शिक्षा या स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहने की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, एनआईसी और आईटीडीए सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ विस्तृत मंथन कर शीघ्र एक प्रभावी और आधुनिक प्लेटफॉर्म का प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही इस विषय पर जल्द ही पुनः समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति की समीक्षा करने को कहा। बैठक में सचिव रविनाथ रमन, विनय शंकर पाण्डेय, सी. रविशंकर, अपर सचिव रीना जोशी तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






