लखनऊ, 4 जून 2026:
यूपी के शहरी परिवहन क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के 18 शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है।
इस योजना के तहत आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी तथा नोएडा (जेवर सहित) में 9 मीटर और 12 मीटर कटेगरी की 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इन बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों द्वारा जीसीसी मॉडल पर किया जाएगा और अनुबंध की अवधि वाणिज्यिक संचालन की तिथि से 12 वर्ष निर्धारित की गई है।
कैबिनेट बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बैठक में 24 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि जीसीसी मॉडल के अंतर्गत बसों की खरीद, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना, चालक एवं तकनीकी कर्मियों की उपलब्धता, बसों का संचालन तथा अनुरक्षण की पूरी जिम्मेदारी निजी ऑपरेटरों की होगी। सरकार निर्धारित मानकों के आधार पर उन्हें संचालन एवं अनुरक्षण शुल्क का भुगतान करेगी।
इस योजना को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार 12 मीटर श्रेणी की हर ई-बस पर 40 लाख रुपये और 9 मीटर श्रेणी की बस पर 35 लाख रुपये का अनुदान देगी। वहीं, डिपो निर्माण के लिए आवश्यक भूमि संबंधित नगर निगमों और नोएडा प्राधिकरण द्वारा निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। बसों का किराया और अन्य उपयोगकर्ता शुल्क राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इस योजना से शहरों में सार्वजनिक परिवहन सुविधा में सुधार होगा। वायु प्रदूषण में कमी आएगी और यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित तथा समयबद्ध यात्रा सुविधा मिलेगी। साथ ही निजी निवेश के जरिए सरकारी वित्तीय भार कम होगा और प्रदेश में आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। वर्तमान में प्रदेश के 15 नगर निगमों में 743 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है।






