लखनऊ, 4 जून 2026:
यूपी की जेलों में बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में उनके आश्रितों को राहत पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश बंदी मृत्यु एवं मुआवजा भुगतान नीति को मंजूरी दे दी गई। नई नीति का उद्देश्य बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा करना, कारागार प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाना और मृतक बंदियों के परिजनों को समयबद्ध आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
अब तक ऐसे मामलों में मुआवजा भुगतान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की संस्तुतियों के आधार पर किया जाता था। हालांकि, विभिन्न स्तरों पर अनुमोदन और औपचारिक प्रक्रियाओं के कारण मुआवजा मिलने में काफी समय लग जाता था। इससे मृतक बंदियों के आश्रितों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

सरकार का मानना है कि स्पष्ट और संस्थागत नीति के अभाव में कई मामलों में राहत वितरण की प्रक्रिया लंबी हो जाती थी। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए नई नीति तैयार की गई है। इसके तहत जेलों में निरुद्ध बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु होने पर उनके आश्रितों अथवा निकटस्थ परिजनों को निर्धारित मुआवजा राशि का भुगतान अधिक त्वरित, सरल और व्यवस्थित ढंग से किया जाएगा।
नई नीति के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे। इससे सभी मामलों में एक समान प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित होगा और मुआवजा भुगतान संबंधी निर्णयों में पारदर्शिता आएगी। सरकार का दावा है कि यह व्यवस्था पीड़ित परिवारों को समय पर राहत देने के साथ ही कारागार प्रशासन में जवाबदेही और संवेदनशीलता को भी मजबूती प्रदान करेगी।






