Uttarakhand

केदारनाथ को प्लास्टिक मुक्त धाम बनाने की मुहिम… ये है नया प्लान, श्रद्धालु होंगे इसके सारथी

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने शुरू किया कैरी मी बैक सिस्टम, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों व सीमित संसाधनों के कारण कचरे का निस्तारण एक बड़ी चुनौती, यात्रा मार्ग पर चलाया जाएगा जागरूकता अभियान

योगेंद्र मलिक

रुद्रप्रयाग, 6 जून 2026ः

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने केदारनाथ धाम को कचरा मुक्त बनाने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। प्रशासन ने इसके लिए एक सिस्टम बनाया है, जिसका नाम ‘कैरी मी बैक’ है। इसका मुख्य उद्देश्य केदारनाथ को प्लास्टिक व सूखे कचरे से मुक्त रखना और श्रद्धालुओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाना है।

प्रशासन के अनुसार हर वर्ष लाखों श्रद्धालु केदारनाथ यात्रा पर पहुंचते हैं, जिससे प्लास्टिक बोतलों, खाद्य पैकेजिंग और अन्य सूखे कचरे की मात्रा काफी बढ़ जाती है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के कारण इस कचरे का निस्तारण एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए ‘कैरी मी बैक’ सिस्टम की शुरुआत की गई है।

इसके तहत यात्रियों से अपील की जाएगी कि वे अपने साथ लाए गए प्लास्टिक, रैपर, बोतलें व अन्य सूखे कचरे को वापस नीचे लेकर आएं। डीएम का कहना है कि यदि प्रत्येक यात्री अपने द्वारा उत्पन्न कचरे की जिम्मेदारी स्वयं उठाए तो केदारनाथ क्षेत्र को स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त बनाए रखना अधिक आसान होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल स्वच्छता अभियान नहीं, बल्कि एक जनभागीदारी आधारित पर्यावरणीय आंदोलन है।

उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर जागरूकता अभियान, सूचना बोर्ड और स्वयंसेवकों की मदद से लोगों को इस पहल से जोड़ा जाएगा। पर्यावरण विशेषज्ञों ने भी इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की चुनौती से निपटने के लिए ऐसे व्यवहारिक और सहभागी मॉडल अत्यंत प्रभावी साबित हो सकते हैं।

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