न्यूज डेस्क, 7 जून 2026 :
नीट-यूजी 2026 की रद्द परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित कराने की तैयारियों के बीच पेपर लीक और प्रश्नपत्र बिक्री की अफवाहों ने अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने ऐसे सभी दावों को पूरी तरह फर्जी, भ्रामक और धोखाधड़ी का हिस्सा बताते हुए छात्रों व अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की है। इसके साथ ही एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों और छात्रों को ठगने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एनटीए के अनुसार सोशल मीडिया और विभिन्न मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर ऐसे संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं जिनमें नीट-यूजी के प्रश्नपत्र लीक होने, समय से पहले उपलब्ध होने या मोटी रकम लेकर बेचने के दावे किए जा रहे हैं। एजेंसी का कहना है कि इन संदेशों का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों और उनके परिवारों को गुमराह करना है। ऐसे संगठित नकल और ठगी गिरोह परीक्षा को लेकर बनी चिंता का फायदा उठाकर नकली प्रश्नपत्रों के नाम पर धन उगाही करने का प्रयास करते हैं।
इस बीच यूपी एसटीएफ ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए टेलीग्राम पर ‘पेपर लीक’ के नाम से चैनल चलाकर छात्रों से ठगी करने वाले गिरोह के सरगना पटना निवासी ओम कुमार को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां ऐसे अन्य नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं जो परीक्षा से पहले भ्रम फैलाने में जुटे हैं।
परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं। एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह के मुताबिक पहली बार नीट-यूजी के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित ढंग से विभिन्न परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना की सहायता ली जा रही है। अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठकों में परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए कई अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता पूरी तरह सुरक्षित है। अभ्यर्थियों को किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय अपनी तैयारी पर फोकस करना चाहिए। एजेंसी ने कहा कि केवल आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित माध्यमों से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
इसके साथ ही फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट, टेलीग्राम चैनलों और संदिग्ध संदेशों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक कराने तथा संबंधित पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। एनटीए ने दोहराया कि नकली प्रश्नपत्र तैयार करना, साझा करना या छात्रों को ठगने का प्रयास गंभीर दंडनीय अपराध है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।






