Uttar Pradesh

UP बनेगा स्टार्टअप महाशक्ति! CM योगी का बड़ा दांव… युवाओं को ऐसे बनाया जाएगा जॉब क्रिएटर

डीप-टेक, एआई, रोबोटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी पर विशेष फोकस, महिला, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर और पूर्वांचल-बुंदेलखंड के उद्यमियों को मिलेगा अतिरिक्त प्रोत्साहन, बनेगा यूपी स्टार्टअप मिशन

लखनऊ, 8 जून 2026:

यूपी को देश का सबसे बड़ा स्टार्टअप और नवाचार केंद्र बनाने की दिशा में सीएम योगी ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अधिकारियों को यूपी की नई स्टार्टअप नीति-2026 तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विशाल युवा आबादी, तेजी से विकसित हो रहा डिजिटल एवं औद्योगिक ढांचा, बड़ा उपभोक्ता बाजार और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण राज्य को नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की पूरी क्षमता रखते हैं।

प्रस्तावित स्टार्टअप नीति-2026 की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से लेकर वैश्विक स्तर तक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए व्यापक समर्थन तंत्र विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि भरण-पोषण भत्ता, प्रोटोटाइप अनुदान, सीड कैपिटल सहायता, पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणन से जुड़े प्रोत्साहनों को और अधिक प्रभावी बनाएं। इससे नवाचार करने वाले युवाओं को बेहतर आर्थिक सहयोग मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से महिला उद्यमियों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर उद्यमियों तथा पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र के स्टार्टअप्स के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की बात कही। उनका मानना है कि समावेशी विकास के बिना मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम की कल्पना संभव नहीं है।

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बैठक में यह भी बताया गया कि उत्तर प्रदेश ने स्टार्टअप क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2018 में ‘एस्पायरिंग लीडर’ श्रेणी में शामिल रहने वाला प्रदेश वर्ष 2025 में भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में ‘टॉप परफॉर्मर’ श्रेणी तक पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री ने इसे और आगे ले जाने के लिए स्टार्टअप्स को निवेशकों, उद्योग जगत, अनुसंधान संस्थानों और विश्वस्तरीय एक्सेलेरेटर कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए।

सीएम योगी ने कहा कि आने वाला दौर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग, क्वांटम टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस, स्पेस टेक्नोलॉजी और हेल्थ-टेक जैसे क्षेत्रों का है। इसलिए डीप-टेक स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन दिया जाए और अनुसंधान आधारित नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाने, विश्वविद्यालयों और उद्योग जगत के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने तथा लखनऊ और नोएडा में प्रस्तावित यू-हब को डीप-टेक नवाचार के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने स्टार्टअप गतिविधियों के बेहतर संचालन, वित्तीय प्रबंधन और निगरानी के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन गठित करने के निर्देश दिए। यह प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आधार बनेगा।

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