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ग्लोबल संकट की मार : शेयर बाजार में बड़ी टूट… सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा लुढ़का

आईटी, ऑटो, मेटल शेयरों में बिकवाली तेज, रुपये पर भी बढ़ा दबाव, पश्चिम एशिया तनाव के बीच कच्चा तेल उछला, विदेशी निवेशकों ने तेज की निकासी, एशिया से यूरोप तक बाजारों में गिरावट, निवेशकों में बढ़ी बेचैनी

बिजनेस डेस्क, 8 जून 2026:

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच भारतीय बाजार दबाव में आ गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 700 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 23,200 के स्तर से नीचे फिसल गया।

सुबह से ही बाजार में बिकवाली हावी रही। बीएसई का सेंसेक्स 645.51 अंक की गिरावट के साथ 73,597.83 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं एनएसई का निफ्टी 199.80 अंक टूटकर 23,166.90 पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान निफ्टी 23,150 के स्तर से भी नीचे चला गया।

शेयर बाजार की गिरावट का असर रुपये पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे कमजोर होकर 95.35 पर पहुंच गया। मजबूत डॉलर, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक तनाव की वजह से भारतीय मुद्रा दबाव में रही।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी, रियल्टी, मेटल और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई। निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते इन क्षेत्रों के शेयरों पर दबाव बना रहा। दूसरी तरफ फार्मा, हेल्थकेयर और मीडिया से जुड़े कुछ शेयरों ने मामूली मजबूती दिखाकर बाजार को सीमित सहारा दिया।

घरेलू बाजार की कमजोरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आई गिरावट को बड़ा कारण माना जा रहा है। जापान का निक्केई फ्यूचर्स 4.2 फीसदी तक लुढ़क गया, जबकि टोपिक्स सूचकांक में 2.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग और चीन के बाजार भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी कमजोरी बनी रही।

विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। लेबनान और इजरायल के बीच हालात बिगड़ने के बाद ईरान की सक्रियता ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा। ब्रेंट क्रूड 96.36 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जिससे ऊर्जा आयात करने वाले देशों की चिंता बढ़ गई है।

तकनीकी शेयरों में आई कमजोरी ने भी बाजार का माहौल बिगाड़ा। अमेरिकी बाजार में नैस्डैक में आई तेज गिरावट का असर एशियाई बाजारों पर दिखाई दिया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक भी भारी दबाव में रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनाया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने पिछले कारोबारी सत्र में 8,776.25 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा और बाजार में बिकवाली का दायरा बढ़ गया।

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