
लखनऊ, 17 अगस्त 2026:
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की ओर से राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में सोमवार को लखनऊ में सियासी पारा चढ़ गया। राष्ट्रीय लोकदल छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज स्थित जीपीओ के पास जोरदार प्रदर्शन करते हुए अखिलेश यादव का पुतला फूंका और उनके खिलाफ नारेबाजी की।
छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष अमन पांडेय और रालोद के प्रदेश मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी के नेतृत्व में जुटे कार्यकर्ताओं ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों और अपमानजनक भाषा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जयंत चौधरी के सम्मान में एकजुटता दिखाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
अमन ने कहा कि अखिलेश यादव को राजनीतिक विरोध का पूरा अधिकार है लेकिन जयंत चौधरी के खिलाफ की गई बयानबाजी राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी किसानों, युवाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने वाले नेता हैं। छात्र सभा उनके सम्मान से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की अमर्यादित बयानबाजी दोहराई गई तो राष्ट्रीय लोकदल छात्र सभा लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध जारी रखेगी। वहीं, मयंक त्रिवेदी ने कहा कि वैचारिक मतभेद लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा हैं लेकिन व्यक्तिगत हमले स्वस्थ राजनीतिक परंपराओं के खिलाफ हैं।
उन्होंने अखिलेश यादव से अपने बयान पर आत्ममंथन करने की अपील की। साथ ही कहा कि विपक्षी दलों को एक-दूसरे के नेताओं के प्रति सम्मानजनक भाषा और राजनीतिक शुचिता बनाए रखनी चाहिए। प्रदर्शन में मनीष तिवारी, अनुपम वर्मा समेत राष्ट्रीय लोकदल और छात्र सभा के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।






