
लखनऊ, 20 अगस्त 2026:
यूपी में पारंपरिक हुनर और उससे जुड़े कारीगरों को नई पहचान देने की दिशा में योगी सरकार एक और बड़ा कदम बढ़ाने की तैयारी में है। सदियों पुराने अनाज भूनने के हुनर से जुड़े भुर्जी, भोजवाल और भड़भूजा समाज के कारीगरों को अब संस्थागत संरक्षण देने की कवायद शुरू हुई है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की मासिक बैठक में इन समुदायों के लिए श्री अन्न कला बोर्ड गठित करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई।

बोर्ड का मकसद परंपरागत व्यवसाय को बचाने के साथ इसे आधुनिक तकनीक, कौशल विकास, आसान ऋण, सब्सिडी और बेहतर बाजार से जोड़कर रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत जरिया बनाना है। लखनऊ स्थित आयोग कार्यालय में अध्यक्ष राजेश वर्मा की अगुवाई में हुई बैठक में पिछड़ा वर्ग के लिए संचालित विभिन्न विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा के साथ यह भी मंथन हुआ कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक तेजी से और प्रभावी ढंग से कैसे पहुंचाया जाए।
हुनर बचेगा, कारोबार भी बढ़ेगा
आयोग को एसके सिंघानिया की ओर से मिले पत्र पर विचार करते हुए श्री अन्न कला बोर्ड के गठन का प्रस्ताव सामने आया। इसके तहत पारंपरिक रूप से अनाज भूनने वाले भुर्जी, भोजवाल और भड़भूजा समाज के लोगों के हुनर को संरक्षित करने के साथ उन्हें आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीक से जोड़ने की दिशा में काम किया जा सकता है।
प्रस्ताव में कौशल विकास, आधुनिक तकनीक, आसान ऋण, सब्सिडी और उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने जैसे पहलुओं को प्रमुखता दी गई है। इस पहल को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) जैसी योजनाओं से जोड़कर पारंपरिक व्यवसाय को नए बाजार और बड़े आर्थिक अवसर देने की संभावना भी देखी जा रही है।
विश्वकर्मा समाज के लिए दूसरे राज्यों का मॉडल खंगालेगा आयोग
बैठक में विश्वकर्मा एकीकरण अभियान संस्था की ओर से विश्वकर्मा समाज की सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित करने संबंधी पत्र पर भी विचार किया गया। विश्वकर्मा कल्याण आयोग अथवा विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के गठन को लेकर मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में लागू व्यवस्थाओं की जानकारी जुटाने का फैसला हुआ है। आयोग के सचिव को संबंधित राज्यों से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर उसे आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
शिकायतों के निस्तारण में तेजी का दावा
अध्यक्ष राजेश वर्मा ने कहा कि आयोग में अन्य पिछड़े वर्गों से संबंधित प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक पात्र व्यक्ति, विशेषकर पिछड़ा वर्ग, तक पहुंचाना प्राथमिकता है। योजनाओं के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था और प्रभावी बनाई जाए। बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल, उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली सहित आयोग के सदस्य मौजूद रहे।






