Uttar Pradesh

बुंदेलखंड : ग्रामीण महिलाओं ने धो डाले सूखा व गरीबी के दाग… 2000 करोड़ का कारोबार कर डाला

महिलाओं के नेतृत्व में डेयरी व्यवसाय ने पूरे क्षेत्र में नई पहचान बनाई, घर की जिम्मेदारी संभालते हुए महिलाएं अब समाज में भी ले रही हैं अहम फैसले

लखनऊ, 30 मार्च 2026:

बुंदेलखंड की पहचान अब सिर्फ सूखे और गरीबी से नहीं रही। सरकार की मदद लेकर करीब 90 हजार ग्रामीण महिलाओं ने मिलकर 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार खड़ा कर दिया है। यह सफर झांसी से शुरू हुआ और अब बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, जालौन, ललितपुर और महोबा में नई मिसाल कायम कर रहा है।

1143 गांवों में फैले इस नेटवर्क में महिलाएं रोजाना करीब तीन लाख लीटर दूध का संग्रह कर रही हैं। बलिनी एमपीसीएल से जुड़ी इन महिलाओं ने अब तक दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया है। पहले दूध का सही दाम नहीं मिलता था, लेकिन अब सीधे बैंक खातों में भुगतान हो रहा है। प्रशिक्षण, पशु चिकित्सा सेवाएं और बेहतर बाजार पहुंच ने इन महिलाओं को सच्चे उद्यमी बना दिया है। उनका यह समूह अब ग्रामीण डेयरी व्यवसाय का राष्ट्रीय मॉडल बन रहा है।

घर की आर्थिक जिम्मेदारी उठाने के साथ ही महिलाएं बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला रही हैं, स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बना रही हैं और सामाजिक तौर पर भी सशक्त हो रही हैं। पहले जो महिलाएं सिर्फ घर की दहलीज तक सीमित थीं, आज वे ग्राम स्तरीय बैठकों में अहम फैसले ले रही हैं।

योगी सरकार ने इस मॉडल को प्रदेश के 31 जिलों तक पहुंचा दिया है। अब कुल दुग्ध कारोबार 5000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुँच गया है और इसे जल्द ही प्रदेश के सभी जिलों में विस्तार दिया जाएगा। इस पहल ने बुंदेलखंड की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ पूरे प्रदेश के लिए नई दिशा भी दिखाई है।

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