लखनऊ, 10 मई 2026:
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल विस्तार में कन्नौज जिले की तिर्वा सीट के विधायक कैलाश सिंह राजपूत को शामिल करने के पीछे भाजपा की स्पष्ट राजनीतिक रणनीति दिखाई दी है। पार्टी ने लोधी राजपूत वोट बैंक को साधने की कोशिश की है।
बता दें कि कैलाश सिंह राजपूत की अपने समाज में मजबूत पकड़ है और कन्नौज, कानपुर देहात तथा मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उनका प्रभाव माना जाता है। प्रदेश की अनेक सीटों पर लोधी समुदाय निर्णायक भूमिका निभाता है, इसलिए 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें मंत्री बनाकर भाजपा ने इस महत्वपूर्ण वर्ग को साधने का प्रयास किया है।
कैलाश सिंह राजपूत पेशे से वह वकील और किसान हैं। लंबे समय से सक्रिय राजनीति में रहने के कारण उन्होंने संगठन और क्षेत्र दोनों में मजबूत पहचान बनाई है। उनका राजनीतिक सफर 1996 में शुरू हुआ, जब वे भाजपा के टिकट पर पहली बार विधायक चुने गए। वर्ष 2007 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर तत्कालीन उमर्दा विधानसभा सीट से जीत हासिल की। इसके बाद 2012 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली।
भाजपा में वापसी के बाद वर्ष 2017 में उन्होंने तिर्वा सीट से शानदार जीत दर्ज की और 2022 में दोबारा विधायक चुने गए। लगातार जनाधार बनाए रखने और लोधी समाज में प्रभावशाली नेतृत्व के कारण अब उन्हें योगी सरकार में राज्यमंत्री के रूप में स्थान मिला है। भाजपा को उम्मीद है कि उनके मंत्रिमंडल में शामिल होने से कन्नौज और मध्य यूपी के लोधी बहुल इलाकों में संगठन को और मजबूती मिलेगी तथा 2027 के चुनाव में इसका राजनीतिक लाभ मिलेगा।






