
लखनऊ, 24 अगस्त 2026:
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार सोमवार को जब अपने पुराने शिक्षण संस्थान कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज पहुंचे तो यह दौरा महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा। कॉलेज की इमारत, परिसर और पुरानी यादों के बीच पहुंचते ही उनके चेहरे पर भावुकता साफ नजर आई। कभी जिस स्कूल की कक्षाओं में बैठकर उन्होंने भविष्य के सपने बुने थे, वहीं सोमवार को वह देश की चुनावी व्यवस्था के शीर्ष पद पर रहते हुए छात्रों से लोकतंत्र और मतदान की अहमियत पर संवाद कर रहे थे।
ज्ञानेश कुमार ने छात्रों से अपने पुराने दिनों को साझा करते हुए कहा कि लखनऊ से उनका रिश्ता बेहद गहरा और पुराना है। उन्होंने कहा, ‘लखनऊ मेरे लिए सिर्फ शहर नहीं, कर्मभूमि है।’ उन्होंने बताया कि कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज में बिताया समय उनके जीवन का निर्णायक दौर रहा। यहां उन्हें पढ़ाई के साथ अनुशासन, ज्ञान और विपरीत परिस्थितियों में चुनौतियों का सामना करने का हौसला मिला।
जिस स्कूल से निकले, वहीं भावी मतदाताओं से संवाद
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों से लोकतंत्र, चुनाव और मताधिकार को लेकर खुलकर बातचीत की। उन्होंने छात्रों को समझाया कि मतदान महज एक संवैधानिक अधिकार नहीं है अपितु देश के भविष्य के निर्माण में भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जो पीढ़ी आने वाले समय में मतदाता बनने वाली है उसे अभी से अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझना होगा। चुनाव कैसे होते हैं, मतदाता सूची कैसे तैयार होती है। मतदान से लेकर मतगणना तक की प्रक्रिया किस तरह पूरी होती है। इन सभी विषयों को समझना लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की भागीदारी को मजबूत करेगा।

अपने शिक्षकों की भूमिका का जिक्र करते हुए ज्ञानेश कुमार ने छात्रों से कहा कि स्कूल के टीचर्स किताबों के ज्ञान के साथ ही जीवन को दिशा देने वाले विचार भी देते हैं। जरूरत इस बात की है कि विद्यार्थी उन विचारों को ग्रहण करने वाला बनें। उन्होंने अपने जीवन में कॉलेज से मिली सीख को याद करते हुए कहा कि ‘वो भी एक दौर था, यह भी एक दौर है।’
1979 में यूपी बोर्ड में पहला स्थान, फिर 1981 में भी कमाल
कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज से ज्ञानेश कुमार का जुड़ाव खास इसलिए भी है क्योंकि उन्होंने यहीं से 1979 में 10वीं और 1981 में 12वीं की परीक्षा पास की थी। दोनों ही परीक्षाओं में उन्होंने यूपी बोर्ड में पहला स्थान हासिल किया था। ऐसे में उसी परिसर में लौटकर भावी मतदाताओं से लोकतंत्र की बात करना उनके दौरे का खास आकर्षण रहा।
BLO को बताया लोकतंत्र की असली नींव
अपने दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं की भागीदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLO की भूमिका को बेहद अहम बताते हुए कहा कि वे सीधे मतदाताओं से जुड़े होते हैं और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की व्यवस्था को मजबूत करते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के स्कूलों और विश्वविद्यालयों में चुनावी प्रक्रिया को समझाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिससे युवाओं को मतदान और पूरी चुनावी प्रक्रिया की जानकारी मिल सके।
भारत के माननीय मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार जी अपने दो दिवसीय दौरे पर आज लखनऊ पहुँचे। लखनऊ एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस अवसर पर मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार… pic.twitter.com/ADQaqYVJio
— CEO Uttar Pradesh (@ceoup) August 24, 2026
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भी उन्होंने 20 जिलों के अधिकारियों तथा करीब 1500 स्कूली छात्रों और प्रधानाचार्यों से संवाद किया। वहीं मॉर्स हॉल में लखनऊ और आसपास के जिलों के करीब 500 BLO से बातचीत का कार्यक्रम है। इस दौरान BLO मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, घर-घर सत्यापन, मृत या दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाताओं के नाम अपडेट करने और जमीनी स्तर की अन्य समस्याओं से मुख्य निर्वाचन आयुक्त को अवगत कराएंगे।
अपने दो दिवसीय लखनऊ दौरे के पहले ही दिन ज्ञानेश कुमार का अपने पुराने स्कूल लौटना इसलिए भी खास बन गया कि यहां उन्होंने सिर्फ चुनाव की बात नहीं की अपितु छात्रों को अपने अतीत से जोड़ते हुए यह संदेश दिया कि लोकतंत्र की मजबूत नींव जागरूक मतदाता और जिम्मेदार नागरिक ही बनाते हैं।






