योगेंद्र मलिक
देहरादून, 8 मार्च, 2026
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन में नारी तू नारायणी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्य के अलग-अलग जिलों से आई 38 वरिष्ठ महिलाओं को सीएम धामी ने सम्मानित किया। इन महिलाओं को शिक्षा, समाज सेवा, उद्यमिता, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, संस्कृति और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम के लिए सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जिन महिलाओं का सम्मान किया जा रहा है, उनके संघर्ष, त्याग और संस्कारों ने परिवार और समाज को मजबूत बनाया है। महिलाओं के स्नेह और आशीर्वाद से पीढ़ियां आगे बढ़ती हैं और समाज तरक्की करता है। उन्होंने कहा कि मां अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपने कई सुख त्याग देती है।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ महिलाएं परिवारों में परंपरा, संस्कृति और जीवन मूल्यों को संभालने में अहम भूमिका निभाती हैं। उत्तराखंड की मातृशक्ति का योगदान खास तौर पर प्रेरणादायी रहा है। पहाड़ की महिलाएं घर संभालने के साथ खेतों में भी मेहनत करती हैं और मुश्किल हालात में भी मजबूती से खड़ी रहती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्ग माताओं और वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल करना समाज की साझा जिम्मेदारी है। राज्य सरकार महिलाओं, खासकर वरिष्ठ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है। वृद्धावस्था पेंशन और विधवा पेंशन जैसी योजनाओं के जरिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ अलग-अलग जिलों में वृद्धाश्रम की व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है। राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुफ्त धार्मिक यात्राओं की सुविधा भी दे रही है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि जिन महिलाओं को सम्मानित किया गया है, उनका जीवन संघर्ष, धैर्य और समाज के लिए समर्पण की मिसाल है। उनका अनुभव और मार्गदर्शन समाज के लिए अमूल्य धरोहर है। सचिव चंद्रेश कुमार यादव ने बताया कि इस साल महिला दिवस की थीम Give to Gain रखी गई है। इस थीम के तहत उन महिलाओं को सम्मानित किया गया है जो 60 वर्ष से अधिक उम्र होने के बावजूद सक्रिय हैं और समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान दे रही हैं।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए इन्हें मिला सम्मान
देहरादून से पार्वती देवी नेगी, मीना रवि, ज्योति मरवाह, नैनीताल से धनुली नेगी, मीनू जोशी, लता हर्बोला, रुद्रप्रयाग से भादी देवी, गीता नौटियाल, रामेश्वरी भट्ट, चंपावत से उर्मिला चंद, पौड़ी गढ़वाल से उर्मिला राणा, कमला नेगी, पार्वती देवी, अल्मोड़ा से मनोरमा जोशी, हेमलता वर्मा, कामिनी कश्यप, उत्तरकाशी से सरतमा देवी, विशाला भंडारी, शांति ठाकुर, चमोली से सुशीला सेमवाल, चंद्रकला बिष्ट, कलावती देवी, मुन्नी देवी, बागेश्वर से नीमा दफौटी, नारायणी देवी, गंगा राम, टिहरी गढ़वाल से सोबती देवी, लता देवी, प्रभा रतूड़ी, ऊधम सिंह नगर से मीना शर्मा, आशा मुंजाल, इंद्रा मिश्रा, हरिद्वार से सैयदा खातून, बाला देवी उर्फ ब्रज किशोरी, कांति और पिथौरागढ़ से दुर्गा खड़ावत, शकुलंता दयाल, देवकी जोशी को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष गीता राम गौड़, निदेशक बीएल राणा, विक्रम सिंह, एस के त्रिपाठी, मोहित चौधरी समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।






