
गाजीपुर/लखनऊ, 30 जुलाई 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गाजीपुर पहुंचे और जिले को 692 करोड़ रुपये की लागत वाली 268 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के बाद आयोजित जनसभा में उन्होंने विकास योजनाओं के साथ-साथ कानून-व्यवस्था, माफिया पर कार्रवाई और पूर्वांचल के विकास को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए सपा और कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक हमले किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर माफिया राज का अंत किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कुछ राजनीतिक दल माफियाओं के सामने नतमस्तक होते थे। उन्हें संरक्षण देते थे जबकि आज अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब गरीब का बेटा भी रामलीला का आयोजन करता है तो कोई असलहा लहराकर दंगा करने का दुस्साहस नहीं करता क्योंकि अपराधियों को कानून का डर है।
गाजीपुर को लहुरी काशी बताया, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का किया उल्लेख
योगी ने गाजीपुर को लहुरी काशी बताते हुए इसकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पौहारी बाबा, भगवान परशुराम और महर्षि जमदग्नि की तपोभूमि रहे इस जिले में माफिया संस्कृति कभी शोभा नहीं देती। माफिया समाज का शोषण करते हैं। व्यापारियों में भय पैदा करते और महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं। उन्होंने जनता से ऐसे जनप्रतिनिधि चुनने की अपील की जो क्षेत्र के विकास और लोगों की पैरोकारी करें, न कि अवैध गतिविधियों में लिप्त रहें।
अब प्रदेश में किसी माफिया को नहीं मिलेगा राजनीतिक संरक्षण
मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक कृष्णानंद राय का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने माफिया के खिलाफ संघर्ष किया था लेकिन उस समय सत्ता के संरक्षण में पल रहे अपराधियों ने उनकी और सात अन्य लोगों की निर्मम हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में किसी भी माफिया को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलेगा और ऐसा करने वालों की दुर्गति तय है।
सपा पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि कुछ दलों ने राष्ट्रनायकों की बजाय विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन किया। उन्होंने महाराजा सुहेलदेव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने बहराइच में भव्य स्मारक, प्रतिमा और मेडिकल कॉलेज बनवाया, जबकि पहले सालार मसूद के नाम पर आयोजन होते थे। उन्होंने कहा कि अब सरकार राष्ट्रनायकों को सम्मान देने की नीति पर काम कर रही है।
गाजीपुर के वीरों ने हर मोर्चे पर बढ़ाया देश का गौरव
मुख्यमंत्री ने गाजीपुर की वीरभूमि की भी सराहना की। उन्होंने वीर अब्दुल हमीद सहित जिले के रणबांकुरों और साहित्यकारों को नमन करते हुए कहा कि एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर में 12 हजार से अधिक सैनिक और सैन्य अधिकारी तथा 15 हजार से अधिक सेवानिवृत्त सैनिक रहते हैं। उन्होंने कहा कि गाजीपुर के वीरों ने आजादी की लड़ाई से लेकर 1962, 1965, 1971, कारगिल युद्ध और ऑपरेशन सिंदूर तक हर मोर्चे पर देश का गौरव बढ़ाया।

विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजीपुर में मेडिकल कॉलेज, फोरलेन सड़कें और बेहतर कनेक्टिविटी ने जिले की तस्वीर बदल दी है। अब लखनऊ की यात्रा तीन से साढ़े तीन घंटे में पूरी हो जाती है। पहले आठ से दस घंटे लगते थे। उन्होंने घोषणा की कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को चंदौली और वाराणसी से जोड़ते हुए शक्तिनगर तक विस्तारित किया जाएगा। इससे पूर्वांचल के विकास को नई गति मिलेगी।
योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू, नौकरी में भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लूट का माहौल था लेकिन आज उत्तर प्रदेश निवेश, रोजगार और कानून-व्यवस्था के लिए नई पहचान बना चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चार जातियां गरीब, किसान, महिला और युवा वाले संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की सभी योजनाएं इन्हीं वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित हैं। 2047 तक विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, विधायक बेदीराम, विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल, जिला पंचायत प्रशासक सपना सिंह, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित थे।






