
न्यूज डेस्क, 1 जुलाई 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर से प्रदेशव्यापी ‘स्कूल चलो अभियान’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ करते हुए शिक्षा और विकास को लेकर बड़ा संदेश दिया। इस्माईलपुर कंपोजिट स्कूल से अभियान की शुरुआत करने के साथ ही उन्होंने जिले को 613 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों से आह्वान किया कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। हर बच्चे तक सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ समय पर पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन बच्चों का विद्यालय में नामांकन हो चुका है उन्हें समय पर यूनिफॉर्म का पैसा, स्कूल बैग, किताबें, जूते-मोजे और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए। स्कूलों में बेहतर पठन-पाठन का वातावरण तैयार करना शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, टैबलेट वितरण और आधुनिक सुविधाओं के जरिए सरकारी स्कूलों को नई पहचान मिली है।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, मिड-डे मील, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी तथा छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि नौ वर्षों में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 60 लाख से अधिक नए बच्चों का नामांकन हुआ है। ड्रॉपआउट दर 19-20 प्रतिशत से घटकर 3-4 प्रतिशत रह गई है।
मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 13 हजार से अधिक दिव्यांग बच्चों को छह हजार रुपये वार्षिक सहायता और 23 हजार से अधिक दिव्यांग बालिकाओं को दो हजार रुपये वार्षिक स्टाइपेंड उपलब्ध कराया गया। साथ ही शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये तथा अनुदेशकों का 9 हजार से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया गया है। शिक्षा मित्रों, शिक्षकों, अनुदेशकों, रसोइयों और अन्य कर्मियों को पांच लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा भी दिया जा रहा है।
इस्माईलपुर स्कूल में मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत की और पढ़ाई व सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कक्षा में लगे जागरूकता पोस्टर को पढ़ने के लिए एक छात्र से कहा। बच्चे के सही उत्तर पर मुख्यमंत्री मुस्कुराते नजर आए।

बारिश के कारण करीब एक घंटे की देरी से सरसावा पहुंचे मुख्यमंत्री बाद में महाराज सिंह डिग्री कॉलेज में आयोजित जनसभा में शामिल हुए। यहां उन्होंने 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सहारनपुर में दंगे होते थे। व्यापारी भय में रहते थे और बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकार ने उपद्रवियों के मुकदमे वापस लिए थे। सीएम ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में दंगे नहीं, विकास होता है। सहारनपुर तेजी से बदल रहा है, बेहतर कनेक्टिविटी, मेडिकल कॉलेज और विरासत के संरक्षण के साथ प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।






