बेरोजगारों का सड़कों पर हंगामा, सचिवालय कूच के दौरान पुलिस से भिड़ंत, बैरिकेडिंग पर चढ़े
बेरोजगार संघ के बैनर तले किया प्रदर्शन, धामी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, लंबित भर्तियों को शीघ्र पूरा करने व चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की उठाई मांग

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 30 अक्टूबर 2026ः
प्रदेश के सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग को लेकर बेरोजगार युवाओं का आक्रोश शुक्रवार को सड़कों पर दिखाई दिया। बेरोजगार संघ के बैनर तले युवाओं ने परेड ग्राउंड से सचिवालय की ओर कूच किया। पुलिस ने सचिवालय से पहले बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इससे नाराज युवाओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर धामी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक के साथ धक्का-मुक्की हुई।
पुलिस के रोकने पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर दिया धरना
प्रदर्शनकारियों की भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग पर मोर्चा संभाला। इस दौरान कई युवा बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और उसे पार करने का प्रयास करने लगे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें किसी तरह नीचे उतारकर स्थिति को नियंत्रित किया। काफी देर तक मौके पर गहमागहमी बनी रही। सचिवालय तक नहीं पहुंच पाने से नाराज प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित भर्तियों को शीघ्र पूरा करने और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग उठाई।

सरकारी विभागों में पद रिक्त फिर भी नहीं हो रहीं भर्तियां
बेरोजगार संघ के पूर्व अध्यक्ष बाबी पंवार ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में सैकड़ों पद रिक्त पड़े हैं, लेकिन सरकार इन पदों पर भर्ती को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है। लंबे समय से युवा रोजगार की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही। इससे बेरोजगारों में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। वहीं, त्रिभुवन चौहान ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षकों के अभाव में सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं। इसके बावजूद एलटी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि एक ओर विद्यालयों में शिक्षकों की जरूरत है, दूसरी ओर चयनित युवा नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं। यह सरकार की भर्ती व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि जब तक सरकार नियुक्तियों को लेकर ठोस आश्वासन नहीं देती, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।






