डालकन्या कॉलेज प्रकरण : ग्रामीणों की निष्पक्ष जांच की मांग, बीईओ बोलीं- ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं
ओखलकांडा के राजकीय इंटर कॉलेज में छात्रों के साथ मारपीट से मामला गरमाया, तीन दिन पहले बच्चों व परिजनों ने दिया था धरना, जांच प्रभावित करने व बच्चों पर दबाव बनाने की कोशिश का आरोप

योगेंद्र मलिक
नैनीताल, 30 अक्टूबर 2026ः
उत्तराखंड के नैनीताल में ओखलकांडा के राजकीय इंटर कॉलेज डालकन्या में छात्रों के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर माहौल गरमा गया है। इस मामले को लेकर बच्चों और उनके परिजनों ने तीन दिन पहले विद्यालय में धरना दिया था। मामले की जांच के लिए पहुंची टीम के सामने आरोपी शिक्षक मुरली की पत्नी और बड़े भाई की मौजूदगी पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जांच को प्रभावित करने और बच्चों पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। हालांकि इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिक्षकों के बीच हुए विवाद से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार बीते दिनों विद्यालय में शिक्षकों के बीच हुए विवाद और मारपीट की घटना से बच्चों की पढ़ाई व मानसिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में विद्यार्थियों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए और जांच निष्पक्ष रूप से होनी चाहिए। ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जांच टीम के विद्यालय पहुंचने के दौरान संबंधित शिक्षक की पत्नी और बड़े भाई भी वहां पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक के बड़े भाई ने जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया और बच्चों को डराया-धमकाया। घटनाक्रम का वीडियो साझा किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि वीडियो की पुष्टि और उसमें दिख रही गतिविधियों पर प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने एसडीएम को सौंपी जांच रिपोर्ट
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित शिक्षक के परिवार की गांव में मौजूदगी और उसके बड़े भाई के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य होने का हवाला देकर लोगों पर दबाव बनाया जाता है। वहीं, मुख्य शिक्षा अधिकारी ने जांच रिपोर्ट एसडीएम धारी को सौंप दी है। ओखलकांडा की खंड शिक्षा अधिकारी सुलोहिता नेगी ने बताया कि मामला जांच के लिए प्रशासन को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिर में इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।






