
देहरादून, 19 अगस्त 2026:
उत्तराखंड में चम्पावत के देवीधुरा में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए Multi Level Parking बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। ग्राम देचमार, तहसील पाटी में प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट की लागत 980.23 लाख रुपये यानी करीब 9.80 करोड़ रुपये तय की गई है। विभागीय व्यय समिति ने इस रकम पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। अब प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा जाएगा।
दोपहिया पार्किंग का प्लान हटाया
सचिवालय में आवास व राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रोजेक्ट के तकनीकी, वित्तीय व जमीन से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हुई। बैठक में क्षेत्र की जरूरत को देखते हुए पार्किंग का प्लान बदला गया। पहले दोपहिया वाहनों के साथ दुकानों व कैफे का प्रावधान था, जिसे हटाकर अब मुख्य रूप से 83 कारों की पार्किंग पर फोकस करने को कहा गया है।
बग्वाल मेले में बढ़ता है ट्रैफिक
देवीधुरा में हर साल बग्वाल मेला लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु व पर्यटक पहुंचते हैं। मेले के दौरान वाहनों की संख्या बढ़ने पर सीमित पार्किंग के चलते सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी करनी पड़ती हैं। इससे कई बार ट्रैफिक प्रभावित होता है। प्रस्तावित पार्किंग बनने के बाद वाहनों को तय जगह पर खड़ा करने की सुविधा मिलेगी।

980.23 लाख रुपये की लागत तय
प्रोजेक्ट का शुरुआती आगणन 994.80 लाख रुपये था। पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत होने के कारण नियोजन विभाग के Technical Appraisal Cell (TAC) से इसका परीक्षण कराया गया। जांच के बाद 980.23 लाख रुपये की लागत को उचित माना गया। इसी रकम पर विभागीय व्यय समिति ने सैद्धांतिक सहमति दी है।
पंचायत वन भूमि पर बनेगा प्रोजेक्ट
पार्किंग के लिए ग्राम देचमार पट्टी देवीधुरा में 0.88 हेक्टेयर पंचायत वन भूमि चिन्हित की गई है। यह जमीन खाता-खतौनी संख्या 16 के खसरा नंबर 1864 में दर्ज है। जमीन देवीधुरा मेला क्षेत्र के पास सड़क से लगी हुई है। वन विभाग की ओर से भी प्रकरण को सैद्धांतिक मंजूरी दी जा चुकी है।
कैंपा फंड की रकम भी शामिल
प्रोजेक्ट की लागत में पर्यावरण से जुड़े खर्च को भी जोड़ा गया है। प्रभागीय वनाधिकारी, चम्पावत की ओर से एनपीवीओ, क्षतिपूरक वनीकरण, Soil and Moisture Conservation Plan (SMCP) व Wildlife Management Plan (WMP) के लिए 34,66,057 रुपये कैंपा कोष में जमा करने की बात कही गई है। यह रकम पहले से ही मूल आगणन में शामिल है, इसलिए इसके लिए अलग से बजट नहीं मांगा जाएगा।
निर्माण से पहले भूगर्भीय रिपोर्ट देखी जाएगी
अधिकारियों के मुताबिक निर्माण शुरू करने से पहले सहायक भू-वैज्ञानिक, चम्पावत की भूगर्भीय निरीक्षण रिपोर्ट को भी देखा जाएगा। बैठक में पार्किंग की तकनीकी जरूरतों के साथ सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
शौचालय व केयरटेकर रूम भी बनेगा
डॉ. आर. राजेश कुमार ने पार्किंग प्रोजेक्ट को क्षेत्र की वास्तविक जरूरत के हिसाब से रखने के निर्देश दिए। उन्होंने दोपहिया पार्किंग, दुकानों व कैफे का प्रावधान हटाकर 83 कारों की पार्किंग सुनिश्चित करने को कहा। पार्किंग परिसर में पर्याप्त शौचालय व केयरटेकर रूम बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
वित्त विभाग को भेजा जाएगा प्रस्ताव
विभागीय व्यय समिति की सैद्धांतिक सहमति के बाद अब प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा जाएगा। वित्तीय मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण से जुड़ी अगली कार्रवाई शुरू होगी। डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि देवीधुरा में पार्किंग की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। बग्वाल मेले सहित दूसरे मौकों पर बढ़ने वाले वाहन दबाव को व्यवस्थित करने में यह प्रोजेक्ट मदद करेगा। क्षेत्र की जरूरत को देखते हुए व्यावसायिक गतिविधियों की जगह 83 कारों की पार्किंग, शौचालय व केयरटेकर रूम की सुविधा पर फोकस किया गया है।






