लखनऊ, 9 मई 2026:
यूपी तेजी से डिजिटल कृषि व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी, त्वरित और सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया फार्मर रजिस्ट्री अभियान अब बड़े स्तर पर परिणाम देने लगा है। राज्य सरकार की सक्रिय कार्यशैली और मिशन मोड में चलाए जा रहे अभियान के चलते अब तक प्रदेश के 2.23 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। यह केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 77.43 प्रतिशत है।
प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 से की गई थी। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,23,54,644 किसानों का सफल नामांकन हो चुका है। लगभग 65,15,851 किसानों का पंजीकरण अभी शेष है।
योगी सरकार ने इस अभियान को केवल सरकारी औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए इसे किसानों की डिजिटल पहचान से जोड़ दिया है। जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय कर्मचारियों को अभियान तेजी से पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है। इससे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान, ऋण सुविधा और अन्य योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगले 30 दिनों यानी 6 जून 2026 तक पंजीकरण लक्ष्य पूरा करने की तैयारी है। वहीं वर्तमान प्रगति के आधार पर किसानों की डिजिटल आईडी निर्माण प्रक्रिया 108 दिनों में यानी 22 अगस्त 2026 तक पूरी होने का अनुमान लगाया गया है।
फार्मर रजिस्ट्री के साथ-साथ भूमि रिकॉर्ड को भी पूरी तरह डिजिटल और विवादमुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। अंश निर्धारण का कार्य प्रदेश में 87.19 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में जमीन संबंधी विवादों में कमी आएगी।
विभागीय अधिकारियों का मानना है कि यह अभियान उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। इससे सरकार को वास्तविक किसानों की पहचान करने, योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग करने और डेटा आधारित कृषि नीतियां बनाने में सहायता मिलेगी। डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में फार्मर रजिस्ट्री अभियान योगी सरकार की बड़ी पहल माना जा रहा है। इसका लाभ आने वाले समय में प्रदेश के करोड़ों किसानों को मिलेगा।






