Uttar Pradesh

डीएम साहब… गंगा का पानी पी सकते हैं?… सख्त लहजे में एनजीटी ने पूछा

अंशुल मौर्य

वाराणसी, 19 नवंबर 2024 :

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की दो सदस्यीय पीठ ने वाराणसी के डीएम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तलब किया। सोमवार को दो याचिकाओं पर सुनवाई की। न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी ने डीएम से सख्त लहजे में पूछा कि क्या वे गंगा का पानी पी सकते हैं? एनजीटी ने डीएम से कहा कि वे गंगा के किनारे बोर्ड लगा दें। उसमें लिखा हो… गंगा का पानी नहाने और पीने योग्य नहीं है।

सफाई और संरक्षण के लिए उठाएं ठोस कदम…

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एनजीटी ने डीएम को स्पष्ट किया कि वे अपनी शक्तियों का उपयोग करें। एनजीटी के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करें। डीएम से कहा गया कि वे अपने आप को असहाय नहीं महसूस करें। इस मामले में एनजीटी ने डीएम को फटकार लगाई है। उन्हें गंगा की सफाई और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने के लिए कहा।

एनजीटी ने सरकार के अधिवक्ता से कहा कि आप ऐसे लोगों का बचाव कर रहे हैं जिनका बचाव नहीं किया जा सकता। विस्तार से सुनवाई नहीं हो सकी क्योंकि चेयरपर्सन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव पीठ के लिए उपलब्ध नहीं थे। सुनवाई न्यायिक सदस्य अरुण कुमार त्यागी एवं विशेषज्ञ सदस्य डा. ए सेंथिल वेल की दो सदस्यीय पीठ के समक्ष हुई।

एनजीटी ने असि और वरुणा नदी के जीर्णोद्धार को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने 21 नवंबर 2021 को पारित आदेश के अनुपालन के लिए याचिका दाखिल की है। एनजीटी ने इस मामले को महत्वपूर्ण करार देते हुए 13 दिसंबर को सुनवाई की तारीख निर्धारित की है।

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