Madhya Pradesh

भोपाल, ग्वालियर में ईडी की ताबड़तोड़ कार्यवाही, ‘करोड़पति’ सौरभ शर्मा के सहयोगियों पर छापे मारे

भोपाल, 18 जनवरी 2025

ईडी ने भोपाल और ग्वालियर में मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व ‘करोड़पति’ कांस्टेबल सौरभ शर्मा के सहयोगी श्याम अग्रवाल के घर और निजी अस्पताल पर छापा मारा।

सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग की छापेमारी में मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व ‘करोड़पति’ कांस्टेबल सौरभ शर्मा के परिसरों से करोड़ों की संपत्ति बरामद होने के तीन हफ्ते बाद, ईडी ने शुक्रवार को उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर तलाशी ली।

ईडी ने भोपाल और ग्वालियर में श्याम अग्रवाल के घर और निजी अस्पताल पर छापा मारा। सुरक्षा कारणों से दोनों परिसरों के बाहर सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया था।

ये भी पढ़ें:

ईडी सूत्रों के मुताबिक, ताजा कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की गई, जिनके नाम पिछले साल 27 दिसंबर को सौरभ शर्मा और उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों के घर पर छापेमारी के दौरान सामने आए थे। उस दिन शर्मा के कब्जे से कई एजेंसियों द्वारा जब्त किए गए कीमती सामानों में लगभग 14 करोड़ रुपये नकद, 40 करोड़ रुपये से अधिक का सोना, लगभग 2 करोड़ रुपये की चांदी, रियल एस्टेट निवेश के कई दस्तावेज और कई क्रेडिट कार्ड शामिल थे।

पहली बरामदगी 19 दिसंबर को लोकायुक्त छापे के दौरान हुई, जहां भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारियों ने पाया कि शर्मा के पास 7.98 करोड़ रुपये की चल संपत्ति थी, जिसमें 2.87 करोड़ रुपये नकद और 235 किलोग्राम चांदी शामिल थी।

इसके बाद, आयकर विभाग ने एक और छापेमारी की, जिसमें भोपाल में एक परित्यक्त एसयूवी से 40 करोड़ रुपये मूल्य की 52 किलोग्राम सोने की छड़ें और 11 करोड़ रुपये से अधिक नकदी बरामद हुई। वाहन शर्मा के कथित करीबी चेतन सिंह गौड़ के नाम पर पंजीकृत था। अधिकारियों को संदेह है कि यह बरामदगी शर्मा से जुड़ी हुई है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि लंबित थी।

लोकायुक्त की एफआईआर के बाद, ईडी ने शर्मा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की और भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में छापे मारे गए। कथित तौर पर ईडी ने विभिन्न स्थानों पर लैपटॉप और कंप्यूटर से वित्तीय दस्तावेज, संपत्ति और इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किया है।

शर्मा को उनके सरकारी डॉक्टर पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर 2015 में परिवहन विभाग में कांस्टेबल के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने 2023 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली।

अधिकारियों का आरोप है कि शर्मा ने अपनी मां, पत्नी, भाभी और करीबी सहयोगियों चेतन गौड़ और शरद जयसवाल के नाम पर एक स्कूल और एक होटल स्थापित करने सहित भ्रष्ट तरीकों से संपत्ति अर्जित की।

शर्मा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था, लेकिन पहली छापेमारी के करीब एक महीने बाद भी उनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।

ये भी पढ़ें  Madhya Pradesh: चिया सीड्स की जैविक खेती कर किसान ने बनाई नई पहचान, हर साल कमा रहे लाखों

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button