Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश : अब धर्मांतरण कराने वालों को मिलेगी फांसी की सजा, मोहन सरकार जल्द लाने जा रही कानून

भोपाल, 8 मार्च 2025

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश में धर्मांतरण करवाने वालों को फांसी की सजा दी जाएगी. इसके लिए धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक में बदलाव किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने यह बयान 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भोपाल के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में दिया.

मीडिया से चर्चा के दौरान सीएम ने यह बड़ी बात कही. यहां वह महिला दिवस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे.महिला दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जिम्मेदारियां भी महिला अधिकारियों को ही सौंपी गई थीं।

ये करने वाला पहला राज्य बनेगा एमपी:

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मध्य प्रदेश यह कानून लागू होने पर ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा. प्रदेश में जबरन धर्मांतरण के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. उन्होंने कहा कि सरकार धर्मांतरण कानून में बदलाव कर रही है, जिसमें दोषियों को फांसी की सजा का प्रावधान किया जाएगा. प्रदेश में हाल ही में धर्मांतरण से जुड़े कई मामले सामने आए हैं. सरकार इस तरह के मामलों पर सख्ती बरतने के लिए नए प्रावधान ला रही है ताकि जबरन धर्मांतरण को पूरी तरह रोका जा सके.

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75 साल के बुजुर्ग के चंगुल से बालिका को बचाया:

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कुशाभाऊ इंटरनेशन कनवेंशन सेंटर में समाज सुधार का कार्य कर रही महिलाओं को भी सम्मानित किया गया. मध्य प्रदेश की माधुरी मोजे को साल 2023 को राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार दिया गया. बता दें कि एक 12 वर्ष की बालिका के साथ एक 75 साल का बुजुर्ग अनैतिक हरकत करता था. माधुरी ने जब यह सब देखा, तो उन्होंने सारे साक्ष्यों को इकठ्ठा किया और उस अपराधी के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया. उनके इस अनूठे काम के कारण माधुरी को महिला दिवस के अवसर पर शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और एक लाख रुपये का चेक देकर राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मध्यप्रदेश में महिलाओं को मिलेगा बराबरी का अधिकार:

मध्यप्रदेश में महिलाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इसको लेकर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने बताया कि आज से आरसीपीवी नरोन्हा अकादमी में महिलाओं के अधिकार और समानता को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. सुरक्षित शहर, सुरक्षित सार्वजनिक स्थल के तहत होने वाले इस कार्यक्रम में यूएनओ के रिप्रजेंटेटिव, 6 देशों के प्रतिनिधि और देश के अनय राज्यों के विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं. कैलाश मकवाना ने बताया कि पुलिस महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है.

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