विधानसभा चुनाव 2027 : दिल्ली में बिछी कांग्रेस की सियासी बिसात, उत्तराखंड के दिग्गजों को जीत का मंत्र
मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई बैठक में राहुल गांधी, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित अन्य नेता हुए शामिल, संगठन की मजबूती और नेताओं के बीच तालमेल को लेकर हुआ मंथन

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 2 नवंबर 2026ः
उत्तराखंड में सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस ने सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा को चुनौती देने के लिए पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व अब सीधे प्रदेश की चुनावी तैयारियों की कमान संभालता नजर आ रहा है। सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की मौजूदगी में प्रदेश के दिग्गज नेताओं की बैठक हुई। इसमें चुनावी रणनीति से लेकर संगठन की मजबूती और नेताओं के बीच तालमेल तक पर व्यापक मंथन किया गया।
व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर लड़नी होगी सत्ता की लड़ाई
बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि सत्ता में वापसी की लड़ाई व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर सामूहिक नेतृत्व, संगठन की एकजुटता और जनता से जुड़े मुद्दों के आधार पर लड़नी होगी। मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल के साथ प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत, सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और मनोज यादव मौजूद रहे।
वरिष्ठ नेताओं को एकजुट रखना सबसे बड़ी चुनौती
विधानसभा चुनाव से पहले इस बैठक को कांग्रेस की चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती वरिष्ठ नेताओं को एकजुट रखने, संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और भाजपा के मुकाबले मजबूत चुनावी विकल्प पेश करने की है। ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में प्रदेश के सभी प्रमुख चेहरों का एक साथ बैठना राजनीतिक दृष्टि से अहम है।
भाजपा सरकार को जनमुद्दों पर घेरने की तैयारी
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने बताया कि बैठक में प्रदेश के सामाजिक व राजनीतिक परिदृश्य, जनहित के मुद्दों और आगामी चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। संगठनात्मक समन्वय, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व की कोशिश है कि चुनाव से पहले संगठन में नई ऊर्जा भरने के साथ भाजपा सरकार को जनमुद्दों पर घेरा जाए।






