लखनऊ/जालौन, 12 अप्रैल 2026:
यूपी के जालौन जनपद में हाल ही में हुई भीषण ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी गेहूं समेत अन्य फसलें लगभग पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। इससे किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालात का जायजा लेने भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी हरिनाम सिंह वर्मा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे और जिलाध्यक्ष के साथ कई गांवों का दौरा किया।
दौरे के दौरान उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया। चौधरी हरिनाम सिंह ने बताया कि निरीक्षण में कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आई हैं। लेखपालों द्वारा किए गए सर्वे में भारी गड़बड़ी पाई गई है। कई ऐसे खेत, जहां गेहूं की फसल खड़ी है वहां खसरा में अन्य फसलों का उल्लेख किया गया है। इस तरह की त्रुटियां किसानों को मिलने वाले मुआवजे पर सीधा असर डाल सकती हैं।

उन्होंने कहा कि इस लापरवाही को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि यदि सर्वे सही तरीके से नहीं हुआ तो उन्हें उचित राहत नहीं मिल पाएगी। इसके अलावा फार्मर रजिस्ट्री को लेकर भी गंभीर लापरवाही सामने आई है। कई किसानों की रजिस्ट्री सही तरीके से नहीं की गई है जबकि सरकार की स्पष्ट व्यवस्था है कि बिना फार्मर रजिस्ट्री के किसी भी प्रकार का सरकारी लाभ या मुआवजा नहीं मिलेगा। इससे बड़ी संख्या में किसानों के राहत से वंचित रहने की आशंका बढ़ गई है।
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में ओलावृष्टि से व्यापक नुकसान हुआ है और संगठन लगातार प्रभावित गांवों का दौरा कर रहा है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सर्वे की गड़बड़ियों को जल्द दुरुस्त नहीं किया गया और किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिला, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगा।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तत्काल निष्पक्ष सर्वे कराया जाए, खसरा की त्रुटियों को सुधारा जाए और हर प्रभावित किसान को शीघ्र राहत दी जाए। इस दौरान जिलाध्यक्ष दिनेश जयसारी, विजय शास्त्री, आयुष सिंह, अवधपाल, पुरुषोत्तम सक्सेना, अनुज, बृज बिहारी राजपूत, कमल खान, कमलेश सिंह और राजेश पाल समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।






