Hardoi City

इंजेक्शन लगने के बाद नवजात की मौत, इलाज में लापरवाही पर परिजनों का हंगामा, सील होगा हॉस्पिटल

पीएचसी पाली में जन्म के बाद बिगड़ी थी बच्चे की हालत, बरगद तिराहे के पास निजी अस्पताल में कराया गया था भर्ती, परिजनों ने गलत इलाज या इंजेक्शन देने का लगाया आरोप, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुरू की जांच

हरदोई, 23 अगस्त 2026:

यूपी के हरदोई जिले में पाली कस्बे के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर व अस्पताल कर्मचारियों पर गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, स्थिति को संभाला। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले को लेकर

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पीएचसी में हुआ था प्रसव

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पाली थाना क्षेत्र के अतर्जी गांव के मजरा शिवपुरी निवासी धर्मेंद्र की पत्नी रुमा को बीते शुक्रवार प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाली में भर्ती कराया गया था। यहां उसने बच्चे को जन्म दिया। जन्म के कुछ समय बाद नवजात की तबीयत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर परिजन उसी रात करीब 11 बजे बच्चे को बरगद तिराहे के पास स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।

20 हजार रुपये जमा कर निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया

धर्मेंद्र के मुताबिक निजी अस्पताल के संचालक ने बच्चे को भर्ती करने के बाद 20 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद नवजात का इलाज शुरू किया गया। परिजनों का कहना है कि भर्ती होने के बाद करीब दो दिन तक बच्चे की हालत ठीक बनी रही। इस दौरान अस्पताल में उसका इलाज चलता रहा।

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इंजेक्शन के बाद तबीयत बिगड़ने का आरोप

धर्मेंद्र का आरोप है कि रविवार सुबह करीब छह बजे बच्चे को गलत इलाज या इंजेक्शन दिए जाने के बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद नवजात की मौत हो गई। बच्चे की मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की। परिजनों का आरोप है कि बच्चे को दूसरे हॉस्पिटल ले नहीं जाने दिया वहीं निगरानी करने वाला कर्मचारी सोता रहा।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस टीम अस्पताल पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाकर स्थिति शांत कराई। प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले में तहरीर मिल गई है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पुलिस की तरफ से अभी किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम करेगी जांच

प्रभारी चिकित्सा अधिकारी भरखनी डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि मामले की जांच के लिए सांडी व सवायजपुर सीएचसी के डॉक्टरों की टीम को मौके पर भेजा जा रहा है। टीम अस्पताल में इलाज से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेगी, साथ ही नवजात की मौत से जुड़े दूसरे पहलुओं को भी देखा जाएगा।

कासिमपुर में सील किया गया था एक अन्य हॉस्पिटल

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के मुताबिक जांच में अगर इलाज में किसी तरह की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो निजी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अस्पताल को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल नवजात की मौत की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। हरदोई में इलाज में लापरवाही पर हंगामे की ये पहली घटना नहीं है। इससे पहले कासिमपुर में प्रसव के दौरान महिला व शिशु की मौत हो गई थी। मौत के बाद हॉस्पिटल संचालक फरार हो गया था। इसके बाद जांच कर हॉस्पिटल को सील किया गया था।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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