देहरादून, 23 जून 2026:
उत्तराखंड में जमीन से जुड़े सिस्टम को पूरी तरह आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य में भूमि संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, विवादों को कम करने और निवेश के लिए आसान माहौल तैयार करने को लेकर सचिव समिति की बैठक में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने जमीन से जुड़े मामलों के बेहतर सेटलमेंट, नई तकनीकों के इस्तेमाल, राजस्व विवादों में कमी, रियल टाइम मॉनिटरिंग और जटिल राजस्व शब्दावली को आसान बनाने पर फोकस किया गया। साथ ही जमीन की खरीद-बिक्री समेत सभी प्रक्रियाओं को पेपरलेस, कैशलेस और फेसलेस बनाने की दिशा में सुधारों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने विभागों और सेक्टर से जुड़े तात्कालिक और लंबे समय के सुधारों का अध्ययन कर ठोस कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि सीमित भूमि संसाधनों वाले उत्तराखंड में जमीन का वैज्ञानिक और पारदर्शी प्रबंधन समय की जरूरत है। इसके लिए प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (पीआईयू) बनाने और उसकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।
भूमि सुधारों के लिए सचिव दिलीप जावलकर, बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम और एस.एन. पाण्डेय की टीम को जमीन से जुड़े मामलों, चुनौतियों और उनके समाधान का समग्र फ्रेमवर्क तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह टीम सभी प्रक्रियाओं और प्रावधानों को लेकर सुझाव देगी।
इसके अलावा पुराने दस्तावेजों, नक्शों और रिकॉर्ड के अध्ययन, अपडेट और तकनीकी एकीकरण के लिए तीन सदस्यीय अलग टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह टीम पुराने अभिलेखों और मैप से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन करेगी।
बैठक में भूमि सर्वे, बंदोबस्त, मैपिंग, पुराने रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और पंजीकरण, दाखिल-खारिज, नोटिस समेत राजस्व मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सर्वे और मैपिंग के लिए नियुक्त एजेंसियों के काम की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि भूमि सुधारों का मकसद राज्य के सीमित भूमि संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा बेहतर इस्तेमाल करना, भूमि बैंक व्यवस्था को मजबूत करना, निवेशकों के लिए जमीन की उपलब्धता आसान बनाना और भूमि विवादों को कम करना है। साथ ही न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में एस.एन. पाण्डेय ने भूमि प्रबंधन सुधारों पर प्रस्तुति दी। प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एलएल फैनई, आर मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






