लखनऊ, 25 मई 2026:
यूपी पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत, सुरक्षित तथा आधुनिक बनाने की दिशा में सीएम योगी ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस रेडियो विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि पुलिस की लोकेशन, मूवमेंट और संचार गतिविधियों की गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की तकनीकी सेंधमारी की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के पुलिस रेडियो नेटवर्क को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया जाए जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक निर्बाध और सुरक्षित संचार व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सभी पुलिस थानों की सीसीटीवी फुटेज की लाइव मॉनिटरिंग के लिए एक सेंट्रल डैशबोर्ड विकसित करने का निर्देश भी दिया। उनका कहना था कि इससे कानून-व्यवस्था की निगरानी अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
बैठक में विभागीय ढांचे को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। इस दौरान डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय आजमगढ़ और डीआईजी रेडियो पश्चिमी का मुख्यालय अलीगढ़ में स्थापित करने पर विचार हुआ। इसके साथ ही रेडियो कार्मिकों की चरित्र पंजिका संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से सत्यापित कराने तथा वायरलेस सेटों को निष्प्रयोजन घोषित करने से पहले तकनीकी परीक्षण अनिवार्य करने पर भी चर्चा की गई।

समीक्षा बैठक में बताया गया कि बीते वित्तीय वर्ष में संचार उपकरणों की खरीद के तहत थानों के लिए 275 फ्लैट बेस मास्ट, 5322 बैटरियां, 120 बैकपैक सेट सहित केबल, चार्जर और एंटीना जैसे सहायक उपकरण खरीदे गए। आधुनिकीकरण योजना के तहत 50 पीए सिस्टम भी स्थापित किए गए हैं। खास बात यह रही कि रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया अपनाने से उपकरणों की खरीद में करीब 1.23 करोड़ रुपये की बचत हुई।
वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत 47 करोड़ रुपये की लागत से 12 जिलों में डिजिटल वायरलेस सेवाएं शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा दूरस्थ थानों के लिए सेल्फ सपोर्टेड मास्ट, पोर्टेबल संचार के लिए 5जी फिल्टर और पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ में हैंड हेल्ड वायरलेस संचार व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।
मुख्यमंत्री ने मानव संसाधन प्रबंधन को भी पूरी तरह डिजिटल बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी कर्मचारियों का डेटा मानव सम्पदा पोर्टल पर अपडेट किया जाए। चरित्र पंजिका, अवकाश और अन्य सेवा संबंधी कार्यों को भी डिजिटल माध्यम से संचालित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कर्मचारियों को नई तकनीकों, कंप्यूटर प्रशिक्षण और संचार गुणवत्ता सुधार से जुड़े विशेष प्रशिक्षण देने पर भी बल दिया गया।






