सनसनी : 17 हजार फीट की ऊंचाई पर अचानक डगमगाई Indigo की फ्लाइट, मचा हड़कंप, लखनऊ उतरने पर खुला ‘खौफनाक’ राज
रांची-पटना से लखनऊ आ रही 6E-925 फ्लाइट में तेज झटकों से सहमे 110 लोग, यात्रियों ने बताया बिजली गिरने का अनुभव, लैंडिंग के बाद विमान की नोज क्षतिग्रस्त मिली, अहमदाबाद जाने वाली उड़ान रोकी गई

लखनऊ, 8 अक्टूबर 2026:
17 हजार फीट की ऊंचाई… मतलब जमीन से काफी ऊपर उड़ता विमान… और अचानक जोरदार झटके। कभी विमान तेजी से नीचे आता तो कभी ऊपर उठ जाता। कुछ पल के लिए यात्रियों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हो क्या रहा है। रांची से पटना होते हुए लखनऊ आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-925 में बुधवार को कुछ ऐसा ही हुआ। विमान में सवार यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। कई लोगों को अहमदाबाद प्लेन क्रैश जैसी अनहोनी का डर सताने लगा। हालांकि, पायलट की सूझबूझ से विमान सुरक्षित लखनऊ पहुंच गया।
चौधरी चरण सिंह (अमौसी) इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद जब विमान की तकनीकी जांच हुई तो एक चौंकाने वाली बात सामने आई। विमान का अगला नोकदार हिस्सा यानी नोज क्षतिग्रस्त था। इसके बाद विमान को रोक लिया गया और इंजीनियरों की टीम ने जांच शुरू कर दी। फिलहाल यह साफ नहीं है कि विमान की नोज को नुकसान किस वजह से पहुंचा।
एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक इंडिगो की नियमित उड़ान 6E-925 बुधवार को रांची से दोपहर 1:55 बजे रवाना हुई और 2:45 बजे पटना पहुंची। इसके बाद 3:10 बजे पटना से लखनऊ के लिए उड़ान भरी। बताया जा रहा है कि पटना से लखनऊ के बीच करीब 450 किलोमीटर के सफर के दौरान विमान खराब मौसम की चपेट में आया। उस समय विमान करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर था।

यात्रियों के मुताबिक लखनऊ पहुंचने से कुछ देर पहले विमान को अचानक तेज झटके लगने शुरू हुए। विमान तेजी से नीचे आया और फिर ऊपर उठा। इसके बाद दोबारा नीचे जाने लगा। ऐसा कई बार होने से यात्रियों में दहशत फैल गई। हालांकि, पायलट ने स्थिति को संभाल लिया और विमान करीब 4:30 बजे सुरक्षित लखनऊ एयरपोर्ट पर उतर गया।
यात्रियों ने साझा किए डरावने अनुभव
विमान में सवार लखनऊ के रहने वाले विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अध्यक्ष गोपाल राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा कर घटना का अनुभव बताया। उनका दावा है कि विमान पर आकाशीय बिजली गिरी थी। उन्होंने बताया कि अचानक बहुत तेज झटका लगा और एक समय ऐसा लगा कि शायद वे लोग नहीं बचेंगे। उन्होंने पायलट और को-पायलट की सूझबूझ की सराहना की।
नोज क्षतिग्रस्त होने के पीछे कई संभावनाएं
हालांकि, विमान की नोज क्षतिग्रस्त होने के पीछे अभी कई संभावनाएं जताई जा रही हैं। इंजीनियरों के मुताबिक खराब मौसम के दौरान आकाशीय बिजली गिरने या बादलों में मौजूद ओलों के विमान से टकराने जैसी वजहों की जांच की जा रही है। यह भी महत्वपूर्ण है कि घटना के दौरान पायलट को किसी बड़ी तकनीकी गड़बड़ी का तत्काल अहसास नहीं हुआ, इसलिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को उस समय घटना की सूचना नहीं दी जा सकी।
लखनऊ पहुंचने के बाद विमान को आगे की उड़ान के लिए रोक दिया गया। इसी विमान को शाम को लखनऊ से अहमदाबाद जाना था। तकनीकी जांच के कारण इसे अहमदाबाद नहीं भेजा गया। यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए एयरलाइन ने दूसरे विमान की व्यवस्था की और उन्हें अहमदाबाद रवाना किया।
जब लगा था नहीं बचेंगे… तब Indigo 6E925 के पायलट ने संभाली सैकड़ों जिंदगियां। पटना–लखनऊ Indigo 6E925 के पायलट को मिले भारत रत्न https://t.co/yg0PZoDvpO
— Gopal Rai (@iGopalRai) October 8, 2026
विमान में सवार थे 104 यात्री और 6 क्रू मेंबर
विमान में 104 यात्री और छह क्रू मेंबर सवार थे। फिलहाल इंजीनियरों की जांच जारी है। विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 17 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान की नोज को आखिर किस वजह से नुकसान पहुंचा और उड़ान के दौरान यात्रियों को इतने तेज झटके क्यों महसूस हुए।






