Prayagraj News : युवक को बंधक बनाकर मांगे दो लाख, सिपाही व उसके चार साथियों ने रची साजिश, केस दर्ज
पशु व्यापारी ने पैसे के तकादे के बहाने युवक को साथ ले जाने का आरोप, बंधक बनाकर मारपीट और दो लाख रुपये मांगे, फोन छीनकर फूलपुर थाने के सिपाही को सौंपने का आरोप, दबाव बनाकर कबूलनामा और सादे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराने का भी आरोप

प्रयागराज, 8 अक्टूबर 2026:
यूपी के प्रयागराज में एक युवक को पैसे के तकादे के बहाने साथ ले जाकर बंधक बनाने और दो लाख रुपये की मांग करने का मामला सामने आया है। युवक की मां ने कहा कि उसके बेटे के साथ मारपीट की गई और बाद में उसे फूलपुर थाने के सिपाही अर्जुन सिंह के हवाले कर दिया गया। शिकायत में सिपाही पर भी युवक के साथ मारपीट कर दबाव बनाने और जबरन बयान दर्ज कराने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल सराय इनायत थाने में फूलपुर में तैनात सिपाही व उसके चार अन्य साथियों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
वसूली के नाम पर युवक को साथ ले जाने का आरोप
बहादुरपुर चौराहा निवासी रामसूरत की पत्नी फोटो देवी के मुताबिक, उसका बेटा संजीव कुमार अविवाहित है और उसकी जान पहचान आर्दश कुमार उर्फ टिंकू से है। आर्दश कुमार जानवरों की खरीद-फरोख्त का काम करता है और पैसे की वसूली के लिए संजीव को कई बार अपने साथ ले जाता था। इसी सिलसिले में आर्दश कुमार अपने दो-तीन साथियों के साथ मैजिक गाड़ी से घर पहुंचा और फूलपुर में पार्टी से पैसे लेने की बात कहकर संजीव को साथ ले गया। कुछ घंटे बाद वह घर लौट आया। इसके बाद शाम को आर्दश कुमार, बथुई उर्फ विकास कुमार, चुलबुल डाक्टर उर्फ लाल चंद्र और आशीष कुमार उसके पास पहुंचे और सहसों चौराहे से पैसे लेने की बात कहकर उसे फिर साथ ले गए।
घर पहुंची मां तो सामने आया बंधक बनाने का आरोप
कई घंटे तक संजीव के वापस नहीं आने पर उसकी मां आर्दश कुमार के घर पहुंची। वहां संजीव को बंधक बनाकर रखा गया था और उसके साथ मारपीट की जा रही थी। आरोपियों ने दो लाख रुपये देने की मांग की। बेटे को छोड़ने के लिए कहने पर उसे धमकी दी गई कि दो लाख रुपये नहीं लाने पर संजीव की हत्या कर शव गायब कर दिया जाएगा। साथ ही पुलिस को जानकारी देने पर पूरे परिवार को जान से मरवाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
सिपाही अर्जुन सिंह ने भी पिटाई कर सादे पेपर पर साइन करा लिए
मां के मुताबिक, घटना की जानकारी डॉयल 112 नंबर पर दी लेकिन उस समय कोई कार्रवाई या मदद नहीं मिली। बाद में संजीव किसी तरह घर पहुंचा और उसने परिवार को अपने साथ हुई घटना बताई। आरोपी लगातार उसके साथ मारपीट कर दो लाख रुपये मांग रहे थे। रुपये देने से इनकार करने पर उसका फोन छीन लिया गया और उसे फूलपुर थाने के सिपाही अर्जुन सिंह के हवाले कर दिया गया। सिपाही अर्जुन सिंह ने भी संजीव के साथ मारपीट की। उस पर पैसे के संबंध में जबरन कबूलनामा कराया गया, इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और सादे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर भी कराए गए।
सिपाही का साथ देता रहा महकमा
मां का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों को कई बार शिकायत देने के बावजूद उसके बेटे का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया। इसके बाद संजीव ने खुद प्रयागराज के बेली अस्पताल में अपना चिकित्सीय परीक्षण कराया। इसके बाद कोर्ट के आदेश उसकी एफआईआर दर्ज हो सकी।






