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योगी का ऐलान, यूपी के वकीलों को मिलेगा 5 लाख का कैशलेस इलाज, 680 करोड़ के चैंबर की चाबी सौंपी

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद ने आयोजित किया समारोह, अधिवक्ता चैंबर की चाबी सौंपी, 680 करोड़ की परियोजना में 2375 चैंबर वाला भवन, कानून व्यवस्था मजबूत करने से लेकर न्याय व्यवस्था में सुधार तक की बात, हाईकोर्ट व डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सक्रिय प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को मिलेगा 5 लाख की कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस स्कीम का लाभ

प्रयागराज, 14 सितंबर 2026:

यूपी के प्रयागराज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे। अधिवक्ताओं ने उनका जय श्री राम के नारों के साथ स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के अंदर हाईकोर्ट हो या डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, सभी सक्रिय प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को ₹5 लाख प्रति वर्ष कैशलेस की मेडिकल इंश्योरेंस स्कीम की सुविधा उपलब्ध करवाने की घोषणा की। उन्होंने हाईकोर्ट परिसर में तैयार नए अधिवक्ता चैंबर की चाबी भी सांकेतिक रूप से सौंपी।

युवा अधिवक्ताओं से मुखातिब होकर मुस्कराए सीएम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में युवा अधिवक्ताओं पर खास तौर पर बात की। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में प्रवेश के दौरान उन्होंने युवा अधिवक्ताओं के चेहरों पर अलग तरह की चमक देखी। उन्होंने कहा कि युवाओं के चेहरे पर ऐसी चमक देखकर महसूस होता है कि देश का भविष्य उज्ज्वल है। वो केवल सफल लीगल प्रोफेशनल न बनें बल्कि संवैधानिक मूल्यों के प्रहरी और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक भी बनें। प्रयागराज की धरती ने देश को अनेक न्यायविद, अधिवक्ता व जननेता दिए हैं। इन लोगों ने संवैधानिक चेतना व विधिक विमर्श को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के तीनों स्तंभ अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन इनके बीच समन्वय जितना मजबूत होगा, लोकतंत्र उतना ही सशक्त होगा।

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वकीलों के लिए 5 लाख तक कैशलेस इलाज, 2017 से पहले की चुनौतियों का जिक्र

मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट व डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सक्रिय प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं के इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस स्कीम की घोषणा की। इससे वकीलों को इलाज के खर्च को लेकर बड़ी राहत मिलेगी। योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले यूपी के सामने सिर्फ संसाधनों की कमी की चुनौती नहीं थी, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही व न्यायिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करना भी बड़ी चुनौती थी। उन्होंने बताया कि उस समय पुलिस विभाग में करीब 45 प्रतिशत पद खाली थे। सरकार ने बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया चलाकर इन कमियों को दूर करने का काम किया। सरकार पुलिस व्यवस्था के साथ न्याय व्यवस्था को भी बेहतर करने में जुटी है। उन्होंने लखनऊ के एक थाने के औचक निरीक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि वहां दो सिपाही सोते मिले थे, जबकि थाने की छत जर्जर थी। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्थाएं नहीं होनी चाहिए।

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स्वतंत्रता आंदोलन में अधिवक्ताओं की भूमिका गिनाई

योगी ने कहा कि भारत का आजादी का आंदोलन उस समय तक बिखरा हुआ था, जब तक दक्षिण अफ्रीका में अपनी वकालत छोड़कर महात्मा गांधी ने आंदोलन की कमान अपने हाथ में नहीं ली। उन्होंने कहा कि प्रयागराज की धरती ऐसे अनेक अधिवक्ताओं की गवाह रही है, जिन्होंने वकालत के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने पंडित मोतीलाल नेहरू, महामना मदन मोहन मालवीय, सरदार वल्लभभाई पटेल व बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि इन लोगों ने विधि व न्याय व्यवस्था से जुड़े अपने अनुभव के साथ देश के निर्माण में अहम भूमिका निभाई। योगी ने कहा कि अधिवक्ता समाज देश के सबसे प्रबुद्ध वर्गों में शामिल है। जनमत निर्माण में उसकी अहम भूमिका है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत के निर्माण तक अधिवक्ताओं का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।

680 करोड़ की परियोजना में 2375 चैंबर

हाईकोर्ट परिसर में करीब 680 करोड़ रुपये की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग व अधिवक्ता कक्ष भवन तैयार किया गया है। भवन में कुल 2375 अधिवक्ता चैंबर हैं। इसमें 11 हजार से ज्यादा लोगों की क्षमता है। परियोजना में करीब 2200 दोपहिया व 1000 चारपहिया वाहनों की पार्किंग की सुविधा भी रखी गई है। परियोजना का उद्घाटन 31 मई 2025 को किया गया था। अब चैंबर की चाबी सौंपे जाने के बाद अधिवक्ताओं को इस सुविधा का इस्तेमाल शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। सीएम ने इसके अलावा हाईकोर्ट में 10 हजार वकीलों के लिए मल्टी लेवल पार्किंग व 400 राज्य विधि अधिकारियों टेक्नोलॉजी से जोड़ने के लिए टेबलेट की व्यवस्था का ऐलान भी किया।

केशव मौर्य बोले, कानून सबके लिए बराबर

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए, चाहे व्यक्ति गरीब हो या प्रभावशाली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में Ease of Living के साथ Ease of Justice पर भी काम हो रहा है। पुराने औपनिवेशिक कानूनों की जगह नए कानून लागू किए गए हैं, जो बदलते भारत की न्याय व्यवस्था को दिखाते हैं। यूपी सरकार सत्ता का सुख नहीं, बल्कि सबके विकास के संकल्प के साथ काम कर रही है। मौर्य ने कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय प्रयागराज की पहचान अपराध व अव्यवस्था से होती थी, लेकिन अब कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। कार्यक्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, कई अन्य जज के साथ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे, महामंत्री अखिलेश कुमार शर्मा समेत अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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