
प्रमोद कुमार
मलिहाबाद (लखनऊ), 20 अगस्त 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के काकोरी कस्बे में स्थित शीतला मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर आयोजित शिलान्यास एवं भूमि पूजन कार्यक्रम विवादों में घिर गया है। मलिहाबाद सुरक्षित सीट से भाजपा विधायक जय देवी कौशल ने मंदिर प्रशासन पर जातिगत भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। विधायक के आरोपों के बाद इलाके में सियासी पारा चढ़ गया है। समर्थकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
विधायक जय देवी कौशल के मुताबिक शीतला मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए पर्यटन विभाग से 76 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कराई गई है। इसी परियोजना के शिलान्यास और भूमि पूजन कार्यक्रम के लिए उन्हें विभाग की ओर से बुधवार को आमंत्रित किया गया था। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत वह नगर पंचायत अध्यक्ष रोहित साहू और पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मंदिर पहुंचीं।
विधायक का आरोप है कि पूजा कार्यक्रम के दौरान मंदिर प्रशासन के लोगों ने उनके साथ जातिगत आधार पर भेदभाव किया। उन्हें वह सम्मान नहीं दिया गया जिसकी अपेक्षा एक जनप्रतिनिधि के तौर पर की जा सकती थी। जय देवी कौशल ने दावा किया कि उन्हें मंदिर में अगरबत्ती तक जलाने की अनुमति नहीं दी गई। इतना ही नहीं, नारियल फोड़ने से भी रोक दिया गया। विधायक ने कहा कि इस व्यवहार से उन्हें बेहद पीड़ा हुई।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद विधायक के बेटे विकास किशोर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मंदिर प्रशासन के रवैये पर सवाल खड़े किए। पोस्ट के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया और स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी इसको लेकर बहस शुरू हो गई।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कौशल किशोर ने भी मीडिया के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि देश आजादी का 80वां वर्ष मना रहा है लेकिन कुछ जातिवादी मानसिकता वाले लोग आज भी पुराने दौर की सोच से बाहर नहीं निकल पाए हैं।

कौशल किशोर ने पूर्व में बुजुर्ग रामपाल के साथ हुई कथित अमानवीय घटना का भी जिक्र किया और कहा कि उस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायक के साथ हुए कथित भेदभाव का मामला पार्टी फोरम पर उठाया जाएगा।
वहीं, आरोप सामने आने के बाद शीतला मंदिर में हुए कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज है। स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। हालांकि, आरोपों पर मंदिर प्रशासन की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले के और राजनीतिक रंग लेने की संभावना जताई जा रही है।






