
एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 23 सितंबर 2026:
गणपति बप्पा की प्रतिमा को विदाई देने पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच मंगलवार शाम अचानक चीख-पुकार मच गई। लखनऊ के मोहनलालगंज के जबरेला पुल के पास सई नदी में विसर्जन के दौरान गहरे पानी में उतरे तीन युवक देखते ही देखते डूब गए। हादसे के बाद नदी किनारे अफरा-तफरी मच गई। देर रात तक स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीमों ने तलाश की लेकिन अंधेरा होने के कारण सफलता नहीं मिली। बुधवार सुबह दोबारा शुरू हुए सर्च ऑपरेशन में धीरज का शव बरामद किया गया। हरिप्रसाद और प्रमोद की तलाश अभी जारी है।

जानकारी के मुताबिक सिसेंडी गांव से मंगलवार शाम सैकड़ों श्रद्धालु गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जबरेला पुल पहुंचे थे। विसर्जन के दौरान सिसेंडी निवासी हरिप्रसाद (40), धीरज (35) और प्रमोद (22) नदी के गहरे पानी में उतर गए। इसी दौरान तीनों डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
सूचना मिलते ही एसीपी आरके सिंह और इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों को नदी में उतारकर तलाश शुरू कराई गई। बाद में एसडीआरएफ की दो टीमें भी मौके पर पहुंचीं और देर रात तक गहरे पानी में सर्च ऑपरेशन चलाया।

डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक ने भी मौके पर पहुंचकर अभियान तेज करने के निर्देश दिए। बुधवार सुबह फिर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इसी दौरान धीरज का शव बरामद हुआ। अन्य दो युवकों की तलाश के लिए गंगा घाट से भी गोताखोर बुलाए गए। मौके पर पुलिस और बचाव दल लगातार डटे रहे।
तीनों मजदूरी कर चलाते थे घर
हादसे ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। हरिप्रसाद, धीरज और प्रमोद मजदूरी तथा पेंटिंग का काम कर परिवार का खर्च चलाते थे। हादसे की सूचना मिलते ही तीनों के परिजन रात में ही नदी किनारे पहुंच गए। पूरी रात उनकी निगाहें नदी के पानी पर टिकी रहीं और हर आहट पर अपनों के मिलने की उम्मीद बनी रही।

हरिप्रसाद की पत्नी श्यामावती गर्भवती हैं। परिवार में 12 वर्षीय बेटा निहाल और 10 वर्षीय बेटी निहारिका हैं। वहीं प्रमोद सिसेंडी गांव के मजरा हीरालाल खेड़ा का रहने वाला बताया गया है। बुधवार सुबह धीरज का शव मिलने के बाद भी नदी किनारे मौजूद परिवारों की उम्मीदें बाकी दो युवकों की तलाश पर टिकी हुई थीं।






