
लखनऊ, 12 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी के लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को पुस्तक महोत्सव का उद्घाटन करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान छात्रों का विरोध भी सुर्खियों में रहा। सीएम के पहुंचने के समय विश्वविद्यालय के गेट नंबर 2 और 3 के पास कुछ छात्र हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन करने लगे। छात्रों ने ‘फीस वृद्धि वापस लो’ और ‘बंद हुए स्कूलों को चालू करो’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
छात्रों का कहना था कि वे लखनऊ विश्वविद्यालय में बढ़ाई गई फीस वापस लेने और बंद किए गए स्कूलों को दोबारा शुरू करने की मांग कर रहे हैं। हिरासत में लिए गए NSUI के अहमद रजा ने कहा कि दोनों मुद्दे छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनका कहना था कि छात्र चाहते थे कि मुख्यमंत्री उनसे वार्ता करें, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उन्हें हिरासत में ले लिया। रजा ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के खिलाफ बताया।

विरोध से पहले ही शुरू हो गई थी पुलिस कार्रवाई
सीएम योगी के कार्यक्रम को देखते हुए विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। विरोध की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने शुक्रवार देर रात NSUI और समाजवादी छात्र सभा के पदाधिकारियों व सदस्यों को हॉस्टल से हिरासत में लिया था। समाजवादी छात्र सभा के उपाध्यक्ष महेंद्र यादव के मुताबिक पुलिस उन्हें रात करीब ढाई बजे हॉस्टल से लेकर गई। उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात सो रहे छात्रों को हिरासत में लेने से उनमें मानसिक परेशानी और भय पैदा हुआ।
महेंद्र ने विश्वविद्यालय की ग्रांट बढ़ाने की मांग भी उठाई। उनके मुताबिक, अभी विश्वविद्यालय को 34 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलती है, जिसे बढ़ाकर कम से कम 100 करोड़ रुपये किया जाना चाहिए। छात्रों का आरोप है कि सुविधाओं की कमी के बीच पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई क्लासरूम की छतें टूटी हैं, साफ और ठंडा पीने का पानी उपलब्ध नहीं है और इंटरनेट सुविधा की भी कमी है।

NSUI के शुभम ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें रात में हॉस्टल से जबरन हिरासत में लिया जिससे छात्रों में घबराहट पैदा हुई। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि और कैंपस की सुविधाओं को लेकर छात्रों की आवाज आगे भी उठती रहेगी और वे पुलिस कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं।
इस तरह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले हिरासत की कार्रवाई के बावजूद छात्रों का विरोध परिसर में सामने आ गया और फीस, शिक्षा व्यवस्था तथा विश्वविद्यालय की सुविधाओं का मुद्दा सीएम के कार्यक्रम के बीच चर्चा में आ गया।






