लखनऊ, 14 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में एक बार फिर रेल यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने और ट्रेन को पटरी से उतारने की संभावित साजिश का मामला सामने आया है। इस बार कैंट क्षेत्र के दिलकुशा के पास रेलवे ट्रैक पर 50 किलो वजनी लोहे का फ्रेम चौखट रख दिया गया। समय रहते लोको पायलट की सतर्कता और सूझबूझ के कारण एक बड़ा रेल हादसा टल गया। हालांकि ट्रेन का इंजन फ्रेम से टकरा गया और वह इंजन के नीचे फंस गया।
जानकारी के अनुसार अमृतसर से हावड़ा जा रही 13006 पंजाब मेल दोपहर करीब दो बजे कैंट के दिलकुशा ब्लॉक हट के पास पहुंची थी। इसी दौरान लोको पायलट की नजर ट्रैक पर रखे भारी लोहे के चौखट पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। इसके बावजूद ट्रेन की गति के कारण इंजन फ्रेम से टकरा गया और वह उसके नीचे फंस गया। घटना की सूचना तत्काल स्टेशन मास्टर को दी गई, जिसके बाद रेलवे अधिकारियों और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टीम मौके पर पहुंची।

वरिष्ठ खंड अभियंता (रेलपथ) की तहरीर पर कैंट कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। कैंट थाना प्रभारी गुरप्रीत कौर के मुताबिक पुलिस, आरपीएफ और सर्विलांस टीमें संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है।
शुरुआत जांच में पुलिस इसे नशेड़ियों की हरकत मान रही है लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए खुफिया एजेंसियों को भी सूचना दे दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि कहीं इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश तो नहीं है।

गौरतलब है कि लखनऊ मंडल में पिछले दो वर्षों के दौरान रेलवे ट्रैक पर बाधाएं रखकर ट्रेनों को डिरेल करने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जून 2025 में मल्हौर स्टेशन के पास हमसफर एक्सप्रेस के सामने लोहे की भारी होर्डिंग का ढांचा रख दिया गया था। अप्रैल 2025 में उतरेटिया के निकट ट्रैक पर लोहे का भारी दरवाजा रखा गया था, जबकि मलिहाबाद क्षेत्र में लकड़ी का विशाल तना ट्रैक पर मिलने की घटना भी सामने आई थी।
अक्टूबर 2024 में भी ट्रैक पर लकड़ियां और बड़े पत्थर रखकर रेल संचालन बाधित करने की कोशिश की गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






