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Mayawati का बड़ा दांव : भतीजे आकाश को चुनावी मैदान में उतारा, अशोक सिद्धार्थ की बसपा में वापसी पर हमेशा के लिए लगाया ताला

विधानसभा चुनाव से पहले आकाश आनंद को पांच जिलों में जनसभाओं की कमान, संविधान दिवस पर पंजाब में भी करेंगे संबोधन, छोटे भतीजे ईशान आनंद को दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में मिली अहम जिम्मेदारी

लखनऊ, 18 अक्टूबर 2026:

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने पार्टी और परिवार को लेकर बड़ा सियासी संदेश दिया है। उन्होंने अपने बड़े भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को यूपी में जनसभाओं की जिम्मेदारी सौंपकर सक्रिय भूमिका में उतार दिया है, वहीं उनके ससुर एवं पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में वापसी की संभावनाओं पर हमेशा के लिए विराम लगा दिया है। इतना ही नहीं, मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को भी पार्टी के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में अहम जिम्मेदारी देने का ऐलान किया है। इसे चुनाव से पहले संगठन को सक्रिय करने और पार्टी में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

आकाश आनंद संभालेंगे पांच बड़ी जनसभाओं की कमान

मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आकाश आनंद के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद आकाश आनंद पार्टी और बहुजन आंदोलन के कार्यों को परिवार तथा रिश्ते-नातों से ऊपर रखकर पूरी मेहनत और परिपक्वता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

मायावती के मुताबिक आकाश आनंद 28 अक्टूबर को बुलंदशहर, 2 नवंबर को सहारनपुर, 20 नवंबर को अयोध्या, 22 नवंबर को आगरा और 29 नवंबर को कानपुर नगर में बसपा की ओर से आयोजित जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इसके अलावा 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर पंजाब में आयोजित विचार संगोष्ठी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। छह दिसंबर को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर हरिद्वार में होने वाली विचार संगोष्ठी और जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

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अशोक सिद्धार्थ की वापसी पर मायावती का दोटूक संदेश

आकाश आनंद को नई जिम्मेदारी देने के साथ मायावती ने अशोक सिद्धार्थ को लेकर भी सख्त रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि पार्टी में पिछले दिनों हुए अप्रिय घटनाक्रम के लिए आकाश आनंद से ज्यादा उनके रिश्तेदार (ससुर) अशोक सिद्धार्थ जिम्मेदार थे। इसी वजह से अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर किया गया और उन्हें राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी गई। बसपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि कुछ स्वार्थी तत्व तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आकाश आनंद को सौंपे गए कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत लगाने की अपील की।

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मायावती ने उन अटकलों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिनमें अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में दोबारा वापसी की संभावना जताई जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अशोक सिद्धार्थ को किसी भी परिस्थिति में और किसी भी कीमत पर पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा। उनका यह बयान संगठन के भीतर अनुशासन और नेतृत्व के फैसलों को लेकर स्पष्ट संदेश देने वाला माना जा रहा है।

ईशान आनंद की भी राजनीति में एंट्री

मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को भी पार्टी के कामकाज में शामिल करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि आनंद कुमार के छोटे बेटे ईशान लंदन से वकालत की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। अब वे उनके निर्देशन में बसपा के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में काम करेंगे।

ईशान मुख्य रूप से चुनाव संबंधी कार्यों और अन्य कागजी प्रक्रियाओं में सहयोग करेंगे। इस तरह मायावती ने एक ओर आकाश आनंद को जनसभाओं के जरिए राजनीतिक मैदान में सक्रिय किया है तो दूसरी ओर ईशान आनंद को संगठनात्मक और चुनावी कामकाज से जोड़ने का फैसला किया है। चुनाव से पहले इन घोषणाओं के जरिए बसपा प्रमुख ने पार्टी की आगामी गतिविधियों, परिवार के सदस्यों की भूमिकाओं और अशोक सिद्धार्थ की वापसी को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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