Lucknow News : फैजुल्लागंज को बाढ़ से बचाने का प्लान, गोमती किनारे 5.5 किमी का तटबंध, 12 नए पंपिंग स्टेशन
योगी-राजनाथ की बैठक में जलभराव से स्थायी राहत के लिए बड़े फैसले, बाढ़ में 38 हजार से अधिक लोग हुए थे प्रभावित, ड्रेनेज से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली व्यवस्था तक बदलेगी तस्वीर

लखनऊ, 18 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज और गोमती नदी के आसपास के निचले इलाकों को बाढ़ और जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह की बैठक में आईआईएम रोड से पक्कापुल तक गोमती नदी के बाएं तट पर करीब 5.5 किलोमीटर लंबा तटबंध बनाने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 12 नए पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक जल निकासी का नेटवर्क भी विकसित होगा।
38 हजार लोगों पर आफत, अब स्थायी समाधान की तैयारी
फैजुल्लागंज में हालिया बाढ़ और जलभराव ने बड़ी आबादी को प्रभावित किया था। अधिकारियों के मुताबिक आठ अक्टूबर को गोमती नदी का जलस्तर 108.60 मीटर तक पहुंच गया था जबकि चेतावनी स्तर 108.50 मीटर निर्धारित है। इसके चलते फैजुल्लागंज के 21 मोहल्लों में करीब 6,500 परिवारों के 38 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए। इस स्थिति ने इलाके की जल निकासी और बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत को फिर सामने ला दिया।
सरकार की नई कार्ययोजना में तटबंध निर्माण के साथ नालों, पंपिंग स्टेशनों और ड्रेनेज नेटवर्क को आपस में जोड़ने पर जोर दिया गया है जिससे बारिश और गोमती का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में पानी की निकासी अधिक प्रभावी ढंग से हो सके।
राहत कार्यों में तेजी, 106 नावों से चला बचाव अभियान
बाढ़ के दौरान प्रशासन ने 16 राहत चौकियां और आठ आश्रय स्थल बनाए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की मदद से 106 नावों, 40 मोटरबोट और 19 स्टीमर के जरिए बचाव अभियान चलाया गया। प्रभावित परिवारों को 11,275 खाद्य किट, 67,800 लंच पैकेट और 1.18 लाख लीटर से अधिक पेयजल वितरित किया गया। मेडिकल टीमों ने 8,591 मरीजों का उपचार किया। संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए छिड़काव और फॉगिंग भी कराई गई।

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को पेयजल, भोजन, चिकित्सा, स्वच्छता और सुरक्षित आवागमन जैसी सुविधाओं में कोई कमी न रहे। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तत्काल कराने और सभी परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
स्कूल, अस्पताल और बिजली व्यवस्था पर भी फोकस
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ के नागरिकों को जलभराव से स्थायी राहत दिलाना प्राथमिकता है। इसके लिए ट्रंक ड्रेनेज, सीवेज नेटवर्क, घर-घर नल से जलापूर्ति और सड़क-बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई गई। योजना के तहत फैजुल्लागंज में प्री-प्राइमरी से 12वीं तक की शिक्षा के लिए समन्वित विद्यालय खोला जाएगा।
प्रभावित क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उच्चीकृत करने और बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए 132 केवी का नया सब-स्टेशन स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। गोमती नदी से गाद निकालने यानी ड्रेजिंग का काम तेज करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, विधायक डॉ. नीरज बोरा, महापौर सुषमा खर्कवाल और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






