रुद्रनाथ धाम : छह माह नहीं होंगे भगवान के दर्शन, अब गोपीनाथ मंदिर में विराजेंगे
अभिषेक व श्रृंगार पूजा हुई, रुद्री पाठ का किया गया आयोजन, शीतकाल के लिए कपाट बंद होते ही परिसर बाबा के जयकारों से गूंजा, गोपेश्वर में भगवान के विग्रह को गर्भगृह में किया जाएगा स्थापित

राजकिशोर तिवारी
गोपेश्वर, 18 अक्टूबर 2026ः
उत्तराखंड के पंचकेदारों में चतुर्थ केदार के रूप में विख्यात भगवान रुद्रनाथ धाम के कपाट विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। जैसे ही मुख्य गर्भगृह के कपाट बंद हुए पूरा मंदिर परिसर बाबा रुद्रनाथ के जयकारों से गूंज उठा। आस्था, परंपरा और भावुकता के इस संगम के बीच श्रद्धालुओं ने बाबा से सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। पंडित आचार्य हरीश भट्ट ने भगवान का अभिषेक और श्रृंगार पूजा संपन्न कराई। इस दौरान मंदिर में रुद्री पाठ का आयोजन भी किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद गर्भगृह के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

19 अक्टूबर को गोपेश्वर पहुंचेगी डोली
कपाट बंद होने के साथ ही भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली की शीतकालीन यात्रा शुरू होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 18 अक्टूबर को डोली ज्वाला मंदिर, देवलधार में रात्रि प्रवास करेगी। इसके बाद 19 अक्टूबर को डोली गोपेश्वर स्थित भगवान गोपीनाथ मंदिर पहुंचेगी। यहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान रुद्रनाथ के विग्रह को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।
बर्फबारी के कारण यात्रा रहेगी स्थगित
शीतकाल में भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के कारण रुद्रनाथ धाम की यात्रा स्थगित रहती है। ऐसे में अब अगले छह माह तक श्रद्धालु गोपेश्वर स्थित भगवान गोपीनाथ मंदिर में ही बाबा रुद्रनाथ के दर्शन कर सकेंगे और पूजा-अर्चना कर पाएंगे। मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन की ओर से डोली यात्रा के मार्ग और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।






