Lucknow News : ‘रावण’ के 10 सिरों पर सियासी चेहरे! अखिलेश से राहुल गांधी तक निशाने पर, दशहरे से पहले होर्डिंग वार
सनातन रक्षा संगठन की ओर से हजरतगंज से गोमतीनगर तक लगाए विवादित होर्डिंग, रावण के दस सिरों में नेताओं के साथ एलन मस्क, मोहम्मद यूनुस और जॉर्ज सोरोस की तस्वीरें भी शामिल, संगठन ने लगाया सनातन विरोध का आरोप

लखनऊ, 18 अक्टूबर 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) की आहट के बीच राजधानी लखनऊ में सियासी घमासान का एक नया रंग देखने को मिला है। दशहरे से पहले शहर में लगाए गए विवादित होर्डिंग के जरिए नेताओं और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को रावण के दस सिरों के रूप में दर्शाया गया है। इन होर्डिंग में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी तक को निशाने पर लिया गया है। खास बात यह है कि इस प्रतीकात्मक हमले में एलन मस्क, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस और जॉर्ज सोरोस जैसे नाम भी शामिल हैं। होर्डिंग सामने आने के बाद राजधानी में एक बार फिर पोस्टर और होर्डिंग के जरिए सियासी संदेश देने की चर्चा तेज हो गई है।

अखिलेश-राहुल के साथ मुख्तार और अतीक की तस्वीर
शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगाए गए इन होर्डिंग पर सबसे ऊपर बड़े अक्षरों में लिखा है- ‘सनातन भारत के विरोधी रावण’। रावण के दस सिरों पर अलग-अलग हस्तियों की तस्वीरें लगाई गई हैं। इनमें अखिलेश यादव, एलन मस्क, मोहम्मद यूनुस, मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद, आजम खान, इल्हान उमर, जॉर्ज सोरोस और राहुल गांधी शामिल हैं। इस तरह नेताओं, दिवंगत बाहुबलियों और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को एक ही प्रतीकात्मक चित्र में रखकर संदेश देने की कोशिश की गई है।
हजरतगंज से गोमतीनगर तक लगे होर्डिंग
सनातन रक्षा संगठन की ओर से ये होर्डिंग हजरतगंज, विधायक निवास, गोमतीनगर और कपूरथला समेत शहर के कई पॉश और वीआईपी इलाकों में लगाए गए हैं। रविवार को नजर आए इन होर्डिंग को देखने के लिए राहगीर भी रुकते दिखाई दिए। दशहरे से पहले रावण के प्रतीक के जरिए इस तरह की तस्वीरें लगाए जाने को लेकर शहर में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का माहौल बन गया है।
संगठन बोला- सनातन विरोधियों को पहचानें
होर्डिंग लगाने वाले संगठन का दावा है कि इसमें उन्हीं लोगों को दिखाया गया है, जिन्हें वह सनातन विरोधी मानता है। संगठन के मुताबिक इन लोगों ने अपने राजनीतिक या सार्वजनिक प्रभाव का इस्तेमाल सनातन धर्म के हित में नहीं किया और विभिन्न मुद्दों पर सनातन का अपमान किया। संगठन ने बाबरी मस्जिद विवाद समेत अन्य धार्मिक विषयों का हवाला देते हुए कहा कि होर्डिंग लगाने का उद्देश्य लोगों को ऐसे चेहरों की पहचान कराना है जिससे सनातन धर्म के अनुयायी उनके बहकावे में न आएं।






