
लखनऊ, 31 अगस्त 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ‘जनता दर्शन’ में सोमवार को एक बार फिर संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का नजारा देखने को मिला। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे फरियादियों की मुख्यमंत्री ने एक-एक कर बात सुनी और समाधान का भरोसा दिया। इसी दौरान अयोध्या से पहुंचे भाई-बहन की फरियाद पर सीएम योगी ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए गंभीर रूप से बीमार बबिता को अपने सरकारी आवास से एंबुलेंस के जरिए लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान भेजने के निर्देश दिए। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज शुरू कर दिया गया।
बहन की हालत गंभीर, डॉक्टरों ने लखनऊ किया था रेफर
अयोध्या निवासी श्याम सोनकर अपनी बहन बबिता को लेकर मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचे थे। श्याम ने बताया कि उनकी बहन कई दिनों से अयोध्या में भर्ती थीं लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया था। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण लखनऊ में इलाज कराना उनके लिए मुश्किल था।
भाई की परेशानी सुनते ही मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को तत्काल इलाज कराने के निर्देश दिए। सीएम आवास से ही बबिता को एंबुलेंस के माध्यम से गोमतीनगर स्थित लोहिया संस्थान भेजा गया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अस्पताल में चिकित्सकों ने मरीज का इलाज शुरू कर दिया।

इलाज शुरू हुआ तो छलक आए भाई के आंसू
बहन के अस्पताल में भर्ती होने और इलाज शुरू होने की जानकारी मिलते ही श्याम ने राहत की सांस ली। उन्होंने डॉक्टरों को बहन की बीमारी और अब तक हुए इलाज की पूरी जानकारी दी। इलाज की प्रक्रिया शुरू होते ही भावुक श्याम की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने फोन कर मुख्यमंत्री आवास को इसकी जानकारी दी और मदद के लिए धन्यवाद भी जताया।
‘पैसे के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा’
जनता दर्शन में कई अन्य लोग भी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी को भरोसा दिलाया कि सरकार इलाज के लिए हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चिकित्सा से जुड़े एस्टीमेट की प्रक्रिया जल्द पूरी कर शासन को उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि धन की कमी के कारण किसी का इलाज नहीं रुकने दिया जाएगा।

चॉकलेट देखकर खिलखिला उठी मासूम
जनता दर्शन का माहौल उस वक्त भावुकता से मुस्कान में बदल गया जब एक मासूम अपनी मां के साथ मुख्यमंत्री के पास पहुंची। योगी ने पहले उसकी मां की समस्या सुनी और फिर बच्ची से प्यार से बात करने लगे। उन्होंने चॉकलेट मंगाई और खुद उसके सामने उसका रैपर खोलने लगे। मुख्यमंत्री के हाथ में चॉकलेट देखते ही बच्ची खिलखिलाकर हंस पड़ी। मुख्यमंत्री और बच्ची के बीच इस आत्मीय संवाद को देखकर वहां मौजूद कई फरियादी कुछ पल के लिए अपना दर्द भूल मुस्कुरा उठे। लोगों ने बच्चों के प्रति मुख्यमंत्री के इस वात्सल्य भाव की सराहना की।






