लखनऊ, 19 जून 2026:
यूपी में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के सभी वर्गों तक पहुंच रही हैं। समाज कल्याण विभाग की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। विशेष रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के हजारों परिवारों को इस योजना से सामाजिक और आर्थिक संबल मिला है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार नौ वर्षों में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 1,80,017 ओबीसी जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 26,286 ओबीसी जोड़े इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंच रहा है।
गरीब परिवारों की बेटियों के सम्मानजनक विवाह के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना लाखों परिवारों के जीवन में खुशियां लेकर आई है। योजना के सफल संचालन में समाज कल्याण विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग की ओर से लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाता है। प्रशासनिक स्तर पर सामूहिक विवाह समारोहों की संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है। समारोहों में पंडाल, खान-पान, सजावट तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
इस योजना के तहत हर जोड़े को एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इसमें 60 हजार रुपये सीधे वधू के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं। 25 हजार रुपये के उपहार एवं गृहस्थी का सामान दिया जाता है। 15 हजार रुपये विवाह आयोजन पर खर्च किए जाते हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर विवाह का बोझ काफी हद तक कम हो जाता है।
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार सीएम योगी के मार्गदर्शन में हर पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के तहत वर्ष 2017-18 में 4,957, 2018-19 में 13,866, 2019-20 में 15,417, 2020-21 में 6,901, 2021-22 में 15,256, 2022-23 में 31,903, 2023-24 में 33,913 तथा 2024-25 में 31,518 ओबीसी जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया।
सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से अब तक 5,54,202 जोड़ों की शादियां कराई जा चुकी हैं। यह योजना आर्थिक सहायता के साथ-साथ सामाजिक समरसता और सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा को भी मजबूती प्रदान कर रही है।






