लखनऊ, 19 जून 2026:
उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के भीतर कथित असंतोष को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने लगातार दूसरे दिन एक्स पर पोस्ट कर सपा में बड़ी टूट का दावा दोहराया है। इस बार उन्होंने बागी बलिया के साथ मुरादाबाद का एंगल जोड़ते हुए पार्टी के भीतर असहमति के संकेत दिए।

राजभर ने अपने ताजा पोस्ट में मुरादाबाद की सांसद का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि वह पीडीए समारोह में नहीं पहुंचीं न ? उन्होंने दावा किया कि सांसद ने कार्यक्रम में आने से इनकार कर दिया था और बाद में सूचना नहीं मिलने जैसी बातें कही जा सकती हैं। राजभर ने लिखा कि जो वह कह रहे हैं, उसे मान लेना चाहिए क्योंकि पार्टी के भीतर बगावत की जमीन तैयार हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि बागियों का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की बागी भूमि कही जाने वाली बलिया से होगा। राजभर ने आरोप लगाया कि हाल में सपा कार्यालय में हुए ब्राह्मण सम्मेलन में ब्राह्मण समाज का अपमान हुआ, जिसे समाज भूलने वाला नहीं है। उनके मुताबिक यही नाराजगी आगे चलकर पार्टी में टूट की वजह बन सकती है।
ओम प्रकाश राजभर ने राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि रामगोपाल यादव ने उनके और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसे बहुजन समाज ने देखा और सुना है। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि यादव समाज से बाहर के नेताओं को वह खुद से नीचे समझते हैं।
अपने पोस्ट में राजभर ने दावा किया कि सपा के भीतर असली नेतृत्व को लेकर भी खींचतान बढ़ेगी और भविष्य में पार्टी की कमान किसी दूसरे चाचा के हाथ में जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन की राजनीति करने वाले लोग अंततः सनातन के साथ ही जाएंगे।
इससे पहले भी राजभर सपा में टूट का दावा कर चुके हैं। पिछले 24 घंटे में यह तीसरा मौका है जब उन्होंने सार्वजनिक तौर पर समाजवादी पार्टी के भीतर बगावत और सांसदों के अलग होने की संभावना जताई है।






