लखनऊ, 7 जून 2026:
यूपी में बुनियादी शिक्षा सुधार का अभियान अब नए पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। कक्षा 1 से 3 तक आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को मजबूत बनाने में सफलता के बाद योगी सरकार अब निपुण भारत मिशन का दायरा कक्षा 5 तक बढ़ाने की तैयारी में जुट गई है। इसके तहत कक्षा 3, 4 और 5 के विद्यार्थियों के लिए हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) विषयों में नए अधिगम लक्ष्य और दक्षताएं निर्धारित की जा रही हैं।
निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार इन लक्ष्यों और दक्षताओं को 20 जून तक अंतिम रूप देकर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। हाल ही में अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में निपुण भारत मिशन के विस्तार, अधिगम लक्ष्यों के निर्धारण और क्रियान्वयन रणनीति की विस्तृत समीक्षा की गई।
सरकार का मानना है कि बच्चों की मजबूत शैक्षणिक नींव ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार बनती है। इसी सोच के अनुरूप तैयार किए जा रहे निपुण 2.0 का उद्देश्य कक्षा 3 से 5 तक विद्यार्थियों की सीखने की निरंतरता बनाए रखना और विषयगत समझ को और मजबूत करना है। इससे विद्यालयों में अधिगम परिणामों में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
निपुण विस्तार कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ), परख तथा एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के आधार पर दक्षताओं का मानचित्रण पूरा किया जा चुका है। अब विषयवार और कक्षावार अधिगम अपेक्षाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा जिससे विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति को स्पष्ट रूप से मापा जा सके। शिक्षण प्रक्रिया को अधिक परिणामोन्मुखी बनाया जा सके।
कार्ययोजना के तहत हिंदी और गणित के लिए प्रारंभिक अधिगम लक्ष्य तैयार हो चुके हैं। अंग्रेजी और ईवीएस के लक्ष्यों को भी जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। इससे शिक्षकों को शैक्षणिक योजना बनाने और विद्यार्थियों के मूल्यांकन में अधिक स्पष्टता और सुविधा मिलेगी।
निपुण 2.0 को जमीनी जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। 12 शिक्षकों के साथ वर्चुअल परामर्श किया जा चुका है। जल्द ही शिक्षकों की सहभागिता वाली कार्यशाला आयोजित कर प्रस्तावित दक्षताओं और अधिगम लक्ष्यों का सत्यापन एवं परिष्करण किया जाएगा।
दक्षताओं और अधिगम लक्ष्यों को अंतिम रूप मिलने के बाद निपुण संकल्प कार्यशाला आयोजित होगी। इसमें जिला एवं ब्लॉक स्तर के शैक्षणिक नेतृत्व, शिक्षकों और अकादमिक टीमों को नए ढांचे से जोड़कर उसके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति तय की जाएगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि निपुण 2.0 उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम साबित हो सकता है।






